bhagalpur news. चंपा व जमुनियां धार में सूखे के सीजन में बहेगा गंगा का पानी
बांका के बेलहर स्थित बड़ुआ या हलमना डैम में पाइपलाइन के माध्यम से गंगाजल का संचय किया जायेगा. इसके लिए पंपिंग स्टेशन को सुलतानगंज में कमरगंज के पास बनाने की योजना है
गौतम वेदपाणि, भागलपुर बांका के बेलहर स्थित बड़ुआ या हलमना डैम में पाइपलाइन के माध्यम से गंगाजल का संचय किया जायेगा. इसके लिए पंपिंग स्टेशन को सुलतानगंज में कमरगंज के पास बनाने की योजना है. इस योजना पर राज्य सरकार 1866 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस परियोजना से बेलहर, तारापुर, असरगंज, सुलतानगंज के बाथ, शाहकुंड व नाथनगर के तक बहने वाली बड़ुआ नदी में सालों भर पानी बहता रहेगा. वहीं बड़ुुआ के पानी से चंपा व जमुनियां धार में भी सालों भर साफ गंगाजल उपलब्ध होगा. इससे दोनों धार में जल प्रदूषण की भी कमी होगी. साथ ही चंपानगर घाट, महाशय ड्योढ़ी, टीएमबीयू घाट, किलाघाट, बूढ़ानाथ व मानिक सरकार घाट पर गर्मी के दिन में सूखे जैसी स्थिति नहीं रहेगी. साथ ही बूढ़ानाथ व बरारी पुल घाट में तैयार रिवर फ्रंट के पास साफ पानी रहेगा. इसके अलावा बरारी वाटर वर्क्स के इंटक वेल से पानी दूर नहीं जायेगा. बड़ुआ नदी में इस समय डैम पर जमा बारिश का पानी काफी कम मात्रा में उपलब्ध है.
बारिश के बाद सूख जाती है बड़ुआ नदी
टीएमबीयू के पीजी भूगोल विभाग के पूर्व एचओडी डॉ एसएन पांडेय बताते हैं कि भागलपुर जिले के पश्चिम छोर पर स्थित प्रखंडों में बड़ुआ के पानी से खेतों में सिचाई होती है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग व क्लाइमेट चेंज से बड़ुआ में पानी की कमी हुई है. बारिश के बाद यह नदी बिल्कुल सूख जाती है. इससे गेहूं, चना जैसे खरीफ फसलों के पटवन के लिए पानी नहीं मिल पाता है. यह परियोजना जब पूरी होगी कि किसान साल में खरीफ व रबी के साथ गरमा फसल तैयार कर सकते हैं. इससे भागलपुर व बांका के साथ मुंगेर जिला के किसानों को फायदा होगा. इलाके का भूजल स्तर ऊपर आयेगा.
मोकामा से राजगीर व गया तक पाइप लाइन के माध्यम से गंगाजल को पहुंचाया जा रहा है. इस पानी का उपयोग लोगों के घरों में पेयजल आपूर्ति व सिंचाई के लिए किया जा रहा है. इससे मिलता जुलता प्रोजेक्ट भी अब भागलपुर व बांका जिला में संयुक्त रूप से शुरू होगा.
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