रवि योग में मनाया जायेगा गंगा दशहरा, सिल्क सिटी में होंगे भव्य धार्मिक आयोजन

Bhagalpur News : भागलपुर में गंगा दशहरा को लेकर श्रद्धा का माहौल चरम पर है. इस बार रवि योग में पड़ रहे पर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और जगह-जगह गंगा महाआरती व पूजन होगा.

भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट : ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला पावन पर्व गंगा दशहरा इस बार 25 मई सोमवार को रवि योग में मनाया जाएगा. सिल्क सिटी भागलपुर में गंगा दशहरा को लेकर विभिन्न घाटों और मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बरारी सीढ़ी घाट, मुसहरी घाट और बरारी पुल घाट सहित कई गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है.

घाटों पर गूंजेगा गंगा मैया का जयकारा

गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे. मान्यता के अनुसार श्रद्धालु गंगा में 10 बार डुबकी लगाएंगे और मां गंगा को 10 प्रकार के फूल, 10 प्रकार के धूप और 10 प्रकार के फल अर्पित करेंगे. इसके साथ ही जौ और 10 मुट्ठी तिल दान करने की भी परंपरा निभाई जाएगी.

मंदिरों में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन

आदमपुर स्थित शिवशक्ति मंदिर में मां गंगा का विशेष पूजन किया जाएगा. वहीं 26 मई को बूढ़ानाथ रोड स्थित रंगनाथ-कमला मंदिर में भगवान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ होगा और श्रद्धालुओं के बीच पूड़ी, सब्जी और आमरस का वितरण किया जाएगा. कार्यक्रम का संचालन विनोद अग्रवाल करेंगे.इसके अलावा मां गंगा पूजन समिति की ओर से मोहनपुर स्थित चैती दुर्गा स्थान परिसर में गंगा पूजनोत्सव का आयोजन होगा. संयोजक जगतराम साह कर्णपुरी ने बताया कि यहां मां गंगा की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा की जाएगी.

गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व

पंडित शंकर झा ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की पूजा और पितरों का तर्पण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन जल, अन्न, वस्त्र, फल और स्वर्ण का दान बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था.वहीं पंडित अंजनी शर्मा ने बताया कि गंगा दशहरा में ‘10’ अंक का विशेष महत्व होता है. इसलिए पूजा और दान की वस्तुओं को 10 की संख्या में रखना शुभ माना जाता है.

जानिये स्नान का शुभ मुहूर्त

पंडित आनंद मिश्रा के अनुसार दशमी तिथि का प्रारंभ 25 मई सुबह 4:30 बजे से होगा और समापन 26 मई सुबह 5:10 बजे तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:04 बजे से 4:45 बजे तक रहेगा, जिसे स्नान के लिए सबसे शुभ माना गया है. सुबह 5:25 बजे से 7:08 बजे तक का समय भी पूजा और स्नान के लिए अत्यंत शुभ रहेगा. इस बार रवि योग पूरे दिन रहेगा, जिससे पर्व का महत्व और बढ़ गया है.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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