भागलपुर: शहरी इलाकों में घुसा गंगा का पानी, आदमपुर के घरों में घुसा सैलाब; नवगछिया में केले की फसल जलमग्न

भागलपुर में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ का विकट संकट खड़ा कर दिया है. गंगा के उफान से शहर के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं. वहीं, नवगछिया में केले की फसलें जलमग्न होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है.

सितंबर महीने में लगातार जारी मूसलाधार बारिश और गंगा नदी के जलस्तर में आई अप्रत्याशित तेजी ने भागलपुर जिले में विकट संकट खड़ा कर दिया है. उफनती गंगा का पानी अब ग्रामीण सीमाओं को लांघकर भागलपुर के शहरी इलाकों में तेजी से प्रवेश करने लगा है. शहर के आदमपुर स्थित माणिक सरकार घाट से सटे दर्जनों रिहायशी मकानों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं. बारिश से खुशहाल दिखने वाले अन्नदाता अब माथे पर हाथ धरे बैठे हैं, क्योंकि अत्यधिक जलभराव से धान के खेतों के पूरी तरह डूबने की नौबत आ गई है.

आदमपुर में घरों में घुसा पानी, शहरवासियों की बढ़ी बेचैनी

गंगा के जलस्तर में निरंतर हो रही बढ़ोत्तरी के कारण माणिक सरकार घाट के आसपास के निचले इलाकों में स्थिति बेहद नाजुक हो गई है. आदमपुर के कई घरों के आंगन और कमरों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे घरेलू सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है. शहर के तटीय मोहल्लों में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे नाथनगर, गोराडीह और आसपास के दर्जनों रिहायशी इलाकों में पानी घुसने का खतरा कई गुना बढ़ गया है.

धान की खुशी पर फिरा पानी, डूबने के कगार पर फसल

शुरुआती मूसलाधार बारिश से जिले के धान उत्पादक किसानों के चेहरे खिल उठे थे, क्योंकि खेतों को भरपूर पानी मिल रहा था. अब नदियों के उफान और मूसलाधार बारिश के संगम से खेतों में क्षमता से अधिक पानी भर चुका है. कई प्रखंडों में धान की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे लंबे समय तक डूबे रहने के कारण पौधों के सड़ने और बर्बाद होने की प्रबल आशंका पैदा हो गई है.

नवगछिया में केले की फसलों को भारी नुकसान, राघोपुर बेहाल

गंगा पार नवगछिया अनुमंडल के इलाकों में बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है. इलाके में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने से नकदी फसल के रूप में प्रसिद्ध केले के बड़े-बड़े बगान जलमग्न हो गए हैं. खेतों में खड़ी केले की फसल डूबने से किसानों की कमर टूट गई है. एक तरफ जहां लोगों के घरों में पानी घुस जाने से रिहायशी संकट गहरा गया है, वहीं दूसरी तरफ राघोपुर सहित कई तटीय गांवों में नदी का पानी नए इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है.

सरकार की पैनी नजर, स्थिति पर निगरानी जारी

जिले के संवेदनशील और प्रभावित इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सरकारी तंत्र पूरी तरह अलर्ट पर है. राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का स्तर परखने के लिए शनिवार को खुद मुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय जायजा लिया था. प्रभावित ग्रामीणों और किसानों को हर संभव मदद पहुंचाने तथा जल संसाधन विभाग को संवेदनशील तटबंधों की निरंतर निगरानी के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

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लेखक के बारे में

By ललित किशोर मिश्र

ललित किशोर मिश्र प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से व डिजिटल माध्यम में पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, रेलवे और परिहवन में रुचि रखते हैं.

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