bhagalpur news. महिला सशक्तिकरण में उद्यमिता विकास जरूरी

टीएमबीयू के पीजी होम साइंस फूड एंड न्यूट्रीशन विभाग में भागलपुर चैप्टर भारतीय पोषण संघ के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का गुरुवार को उद्घाटन किया गया

भागलपुर

टीएमबीयू के पीजी होम साइंस फूड एंड न्यूट्रीशन विभाग में भागलपुर चैप्टर भारतीय पोषण संघ के तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का गुरुवार को उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का विषय महिला नेतृत्व और उद्यमिता सफलता के लिए कौशल विकास रखा गया था. सेमिनार का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया था.

मौके पर की-नोट स्पीकर केकेएम कॉलेज पाकुड़ के प्रिंसिपल डॉ युगल झा ने कहा कि महिलाएं आज सभी क्षेत्रों में अपनी काबिलियत के बल पर परचम लहरा रही हैं. महिलाएं लाइफ, लिबर्टी व ग्रीन इकोनॉमी की अभिरक्षक होती हैं. रिसोर्स पर्सन मॉडल कॉलेज राजमहल साहिबगंज झारखंड के प्राचार्य डॉ रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि महिला नेतृत्व के बिना हम किसी भी क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सकते हैं. महिलाओं का योगदान सभी क्षेत्रों में है. उद्यमिता विकास में महिलाओं का काफी योगदान है. महिला सशक्तिकरण में उद्यमिता विकास जरूरी है.

जेपी विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति प्रो फारुक अली ने पीपीटी के माध्यम से कहा कि भारत का विकास यात्रा महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ गहराई से जुड़ी हुई है. महिलाओं की स्थिति किसी राष्ट्र में सामाजिक, आर्थिक, मानसिक व बौद्धिक व्यवस्था को दर्शाता है. विवि की प्रॉक्टर प्रो अर्चना कुमारी साह ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवता का वास होता है.

सेमिनार की कन्वेनर व पीजी होम साइंस विभाग की हेड डॉ शेफाली ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाएं शक्ति की मिसाल हैं. सेमिनार के आयोजन सचिव डॉ दीपक कुमार दिनकर ने कहा कि महिलाएं जमीन से लेकर आसमान तक सभी क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही हैं. विकसित भारत के निर्माण में महिला नेतृत्व और उद्यमिता विकास का होना जरूरी है. सेमिनार में सौवेनियर का भी लोकार्पण किया गया.

एग्जिबिशन रहा आकर्षण का केंद्र

सेमिनार स्थल पर मारवाड़ी कॉलेज के फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं और स्थानीय एनजीओ की महिलाओं के द्वारा लगाये स्टॉल की काफी सराहना हुई. एग्जिबिशन के माध्यम से महिला नेतृत्व और उद्यमिता को बखूबी दर्शाया गया था. मारवाड़ी कॉलेज के फैशन डिजाइनिंग विभाग की छात्राओं ने फैकल्टी अर्पणा श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्टाइल लगायी. जिसमें छात्राओं के द्वारा बनाए गए ड्रेस और कृत्रिम आभूषण शामिल थे. छात्रा नियति, ऋतु, शिव प्रिया, कोमल, जुली, हिमांशी और मोनी ने खुद के बनाये प्रोडक्ट की प्रदर्शनी लगायी.

मंजूषा पेंटिंगक स्टॉल लगाये

वहीं, दृष्टि विहार संस्था के दिलीप कुमार सिंह ने मंजूषा पेंटिंग से जुड़े स्टॉल लगाये. इसके अलावा आर्ट एंड क्राफ्ट के भी स्टॉल लगाये गये थे. इसमें स्टॉल में लकड़ी व बांस से बने घरेलू सजावटी के उत्पादों को शामिल किया गया था.

फ्रूट बास्केट से अतिथियों का हुआ सम्मान

सेमिनार में सभी अतिथियों का स्वागत फ्रूट बास्केट (फ्रूट बुके), अंग वस्त्र और पौधा भेंट कर किया गया. उद्घाटन के बाद दो तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया. डॉ लक्ष्मी पाण्डेय, डॉ श्वेता सिंह कोमल, डॉ रवि शंकर कुमार चौधरी व डॉ हिमांशु शेखर आदि ने सत्र का संयोजन किया. तकनीकी सत्र की वक्ता डॉ प्रिय सोनी थी. दोनों सत्रों में करीब दो दर्जन से अधिक प्रतिभागियों ने अपने पेपर प्रस्तुत किया.

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By Atul kumar

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