bhagalpur news. सभी काल में नारी अपने संस्कृति और परिवार का सफल संचालन की

वैदिक काल से लेकर आधुनिक काल तक भारत की नारी अपने संस्कृति और परिवार का सफल संचालन की है

वैदिक काल से लेकर आधुनिक काल तक भारत की नारी अपने संस्कृति और परिवार का सफल संचालन की है, लेकिन वर्तमान समय में भारतीय परिवार में महिला की भूमिका तथा समाज में महिलाओं के सामने चुनौती भी है. उक्त बातें मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका सुनीता हल्द्धेकर ने भारतीय संस्कृति में नारी के महत्व में चर्चा करते हुए कही. मौका था रविवार को आनंदराम ढंढानिया सरस्वती विद्या मंदिर में राष्ट्र सेविका समिति के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में प्रबुद्ध महिला सम्मेलन आयोजन का. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुंदरवती महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्य प्रो निशा झा एवं प्रांत संचालिका डॉ नमिता कुमारी शामिल हुईं. कार्यक्रम में प्राध्यापक, चिकित्सक, अधिवक्ता, स्कूल की शिक्षिका सहित समाज के अन्य हिस्सों में काम करने वाली करीब 70 से ज्यादा महिलाएं उपस्थित हुई. डॉ नमिता कुमारी ने युवतियों के समक्ष लव जिहाद, लिव इन रिलेशनशिप तथा कॅरियर के कारण होने वाली अन्य चुनौतियों के बारे में बताया. मुख्य अतिथि डॉ निशा झा ने कहा कि अभी वर्तमान समय में महिलाएं सभी क्षेत्रों में काम कर रही हैं. वह घर के काम से लेकर के पायलट की भूमिका में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कर रही हैं. अच्छी शिक्षा के साथ उनके अंदर अच्छे संस्कार भी होने चाहिए. इससे पूर्व प्रांत संपर्क प्रमुख बबीता मोदी ने प्रस्तावना रखा. मधुमिता कुमारी, नगर सह कार्यवाहिका ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभाग कार्यवाहिका कृतिकांत, नगर संचालिका मीरा सिंह, जिला कार्यवाही का माया देवी, नगर कार्यवाही का मोनू सिंह, व्यवस्था प्रमुख डेजी शाह, मंजू भालोठिया, नीना सिंघानिया, शालिनी, लक्ष्मी शाह आदि उपस्थित थे.

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Author: ATUL KUMAR

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