bhagalpur news. पारंपरिक कोर्स के साथ-साथ कॉलेजों में रोजगारपरक कोर्स की भी हो पढ़ायी

रोजगारपरक कोर्स व प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हर युवक-युवती के लिए वर्तमान समय की मांग है

रोजगारपरक कोर्स व प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हर युवक-युवती के लिए वर्तमान समय की मांग है. युवा विकसित होंगे, तभी देश विकसित हो पायेगा. इसे लेकर कॉलेजों में पारंपरिक कोर्स के अलावा रोजगारपरक कोर्स की भी पढ़ाई होनी चाहिए. इसकी बेहतर व्यवस्था सरकार की तरफ से होनी चाहिए. उक्त बातें गुरुवार को एसएम कॉलेज में आयोजित प्रभात खबर संवाद कार्यक्रम में छात्राओं ने कहा. संवाद का विषय था कॉलेजों में रोजगारपरक कोर्स व प्रतियोगी परीक्षा वर्तमान परिदृश्य में कितना जरूरी.

छात्राओं का कहना था कि पारंपरिक कोर्स से डिग्री मिल सकती है, लेकिन रोजगारपरक कोर्स जैसे विभिन्न प्रकार के सर्टिफिकेट कोर्स आज की जरूरत बनती जा रही है. छात्राओं ने कहा कि सामान्य कोर्स के अलावा रोजगारपरक कोर्स की भी कॉलेजों में एक घंटी होना चाहिए, ताकि गरीब परिवार व किसान परिवार से आने वाले विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके. साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए.

छात्राओं, शिक्षक व प्राचार्य से बातचीत…

डिग्री के साथ कौशल ज्ञान जरूरी है. तभी नौकरी या रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ पायेंगे. जरूरी है कि कॉलेजों में प्रतिदिन रोजगारपरक कोर्स की कम से कम एक घंटी पढ़ाई होनी चाहिए.

सोनाली कुमारी, छात्रा

प्रतियोगी परीक्षा व रोजगारपरक कोर्स युवाओं के लिए जरूरत बनती जा रही है. इस दिशा में सरकार को ध्यान देने की जरूरत है. उसी तरह से कॉलेजों में व्यवस्था कराये.

गुनगुन प्रिया, छात्रा

सामान्य पढ़ाई के साथ-साथ स्किल भी होना जरूरी है. क्योंकि कही भी इंटरव्यू में पूछा जाता है कि आपकी स्किल क्या है. ऐसे में डिजिटल युग में युवाओं को अपडेट रहने की जरूरत है.

अनुष्का भारद्धाज, छात्रा

डिग्री हमारी पहचान हो सकती है, लेकिन भविष्य में आगे बढ़ने के लिए स्किल का विकास होना आवश्यक है. कहीं न कहीं रोजगारपरक कोर्स इसमें अहम कड़ी बन सकता है.

तुलसी खुशी छात्रा

डिग्री पर जरूर नौकरी मिल जायेगी. साथ में कौशल विकास से संबंधित जानकारी रहे, तो आगे बढ़ने का रास्ता तय करता है. ऐसे में कॉलेज की भूमिका कहीं न कहीं जरूरी हो जाती है.

कोमल कुमारी, छात्रा

एक समय था कि डिग्री पर नौकरी आसानी से मिल जाती थी, लेकिन सब को नौकरी मिलना इतना आसान नहीं है. इसलिए रोजगारपरक कोर्स ही आगे बढ़ने में मील का पत्थर साबित होगा.

साक्षी कुमारी, छात्रा

खुद को विकसित करने की आवश्यकता है. इसके लिए संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से अपने में क्षमता विकसित करना होगा. तभी खुद व दूसरों को रोजगार दे सकते हैं.

आफरीन, छात्रा

कॉलेजों में सुनिश्चित करने की जरूरत है कि एक घंटी रोजगारपरक कोर्स से संबंधित पढ़ाई हो. पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी नहीं मिलती है, तो अपना रोजगार भी शुरू कर सकते हैं.

सोनल कुमारी, छात्रा

रोजगारपरक कोर्स अब कॅरियर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. युवा पीढ़ी अब इस दिशा की तरफ जा रहे हैं. मैट्रिक पास करने के बाद ही टेकनिकल पढ़ाई पर जोर रहता है.

अंजु कुमारी, छात्रा

सामान्य कोर्स की पढ़ाई से आते है, तो पैसे बहुत कम मिलते हैं. जब स्किल से संबंधित जानकारी रहती है, तो पैसे भी ज्यादा मिलते है. कॉलेजों में भविष्य को देखते हुए रोजगारपरक कोर्स की पढ़ाई होनी चाहिए.

श्रुति कुमारी, छात्रा

न्यू एजुकेशन पॉलिसी में रोजगारपरक कोर्स को जगह दी गयी है, ताकि विद्यार्थी पढ़ाई पूरा करने के बाद खुद के पैर पर खड़ा हो सके. यह सकारात्मक निर्णय है.

डॉ मुकेश कुमार सिंह, प्रभारी प्राचार्य एसएम कॉलेज

स्किल बेस्ट कोर्स वर्तमान समय में युवाओं के लिए खास है. इससे उनका सर्वांगीण विकास होगा और देश भी विकसित हो पायेगा.

डॉ दीपक कुमार दिनकर, शिक्षक

सभी को नौकरी मिलना मुश्किल है. ऐसे में अगर विद्यार्थी को टेक्निकल कोर्स की जानकारी होगी तो उनके भविष्य के लिए बेहतर होगा. तभी देश आत्मनिर्भर बन पायेगा.

डॉ हिमांशु शेक्षर, शिक्षक

रोजगारपरक कोर्स करने के बाद सरकार द्वारा रोजगार के लिए ऋण भी मुहैया करायी जायेगी. सामान्य कोर्स के अलावा स्किल बेस्ट आधारित कोर्स से युवाओं को जुड़ने की जरूरत है.

ईशा स्मिता, असिस्टेंट प्रोफेसर

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Author: ATUL KUMAR

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