खुद को डीएसपी बताने वाले मनोज वर्मा पर महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये ठगने का आरोप, नया मामला दर्ज

खुद को पटना सचिवालय का डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने का झांसा देने के आरोप में मनोज कुमार वर्मा के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ है. आनंद मार्ग कॉलोनी की रहने वाली नेहा रंजन ने आरोप लगाया है कि वर्मा ने उनके बेटे की नौकरी के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Fake DSP Fraud: भागलपुर. खुद को पटना सचिवालय में डीएसपी बताकर नौकरी दिलाने का झांसा देने के आरोपित मनोज कुमार उर्फ मनोज कुमार वर्मा के खिलाफ बाइपास थाना में एक और मामला दर्ज हुआ है. आनंद मार्ग कॉलोनी निवासी नेहा रंजन ने आरोप लगाया है कि मनोज वर्मा ने उनके पुत्र की नौकरी लगाने के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी की. पुलिस ने बाइपास थाना कांड संख्या 119/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

डीएसपी बताकर बनाया भरोसा

नेहा रंजन ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी मुलाकात श्रेया गर्ल्स एंड बॉयज हॉस्टल में मनोज वर्मा से हुई थी. उसने खुद को पटना सचिवालय में डीएसपी बताते हुए बड़े अधिकारियों और मंत्रियों से करीबी संबंध होने का दावा किया. साथ ही उनके पुत्र की बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में नौकरी लगाने का भरोसा दिया.

एक लाख ऑनलाइन, दो लाख नकद लेने का आरोप

शिकायत के अनुसार आरोपित ने नौकरी के एवज में छह लाख रुपये की मांग की और पहले तीन लाख रुपये देने को कहा. नेहा रंजन का आरोप है कि उन्होंने अपूर्व लक्ष्य, प्रीति कुमारी और मनोज कुमार के खातों में यूपीआई के माध्यम से कुल एक लाख रुपये भेजे, जबकि दो लाख रुपये नकद दिये.

न नौकरी मिली, न लौटाए रुपये

महिला का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन बाद में मनोज वर्मा फरार हो गया और अपना मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज वर्मा, प्रीति कुमारी और अन्य लोगों का एक संगठित गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करता है.

धमकी देने का भी आरोप

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि रुपये वापस मांगने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई. अज्ञात मोबाइल नंबरों से भी धमकी भरे फोन आए. महिला ने पुलिस से ठगी गई राशि वापस दिलाने और सभी आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

पहले भी दर्ज हो चुका है ठगी का मामला

Fake DSP Fraud: मनोज वर्मा वर्ष 2024 में भी चर्चा में आया था, जब बांका निवासी स्टेज-4 कैंसर पीड़िता सोनम भारती ने उस पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.60 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया था. उस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच भागलपुर स्थानांतरित की गई थी. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर इशाकचक पुलिस ने उसके घर छापेमारी कर लाइसेंसी रायफल जब्त की थी. फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है और उसके शहर छोड़कर फरार होने की बात सामने आयी है.

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लेखक के बारे में

By ऋषव मिश्रा कृष्णा

ऋषव मिश्रा कृष्णा प्रिंट माध्यम में पिछले 22 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. फिल्म, शिक्षा और गीत लेखन में रुचि रखते हैं.

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