गंगा दशहरा पर भागलपुर में गंगा घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, लगायीं 10 डुबकियां
Bhagalpur News : ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाये जा रहे गंगा दशहरा को लेकर भागलपुर के विभिन्न गंगा घाटों पर सोमवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. बरारी सीढ़ी घाट, मुसहरी घाट और बरारी पुल घाट सहित कई घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की. शहर के विभिन्न मंदिरों और पूजा समितियों की ओर से गंगा पूजन, महाआरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया.
भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट : गंगा दशहरा के अवसर पर भागलपुर के प्रमुख गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी. लोगों ने गंगा में स्नान कर मां गंगा की पूजा की और परिवार की सुख-शांति की कामना की. बरारी सीढ़ी घाट, मुसहरी घाट और बरारी पुल घाट पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गयीं.
10 डुबकियां और दीपदान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में 10 बार डुबकी लगायी. इसके साथ ही मां गंगा को 10 प्रकार के फूल, 10 प्रकार के धूप और 10 प्रकार के फल अर्पित किये गये. श्रद्धालुओं ने जौ और 10 मुट्ठी तिल का दान भी किया. स्नान के बाद कई श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर दीपदान कर मां गंगा से आशीर्वाद मांगा.
शहर के मंदिरों में हुआ गंगा पूजन और महाआरती
सिल्क सिटी के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर गंगा दशहरा को लेकर विशेष आयोजन किये गये. बूढ़ानाथ मंदिर, भूतनाथ मंदिर और आदमपुर स्थित शिवशक्ति मंदिर में मां गंगा का विधिवत पूजन किया गया. कई स्थानों पर गंगा महाआरती का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
चैती दुर्गा स्थान परिसर में शुरू हुआ गंगा पूजनोत्सव
मोहानपुर स्थित चैती दुर्गा स्थान परिसर में मां गंगा पूजन समिति की ओर से दो दिवसीय गंगा पूजनोत्सव की शुरुआत की गयी. यहां मां गंगा की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है. समिति के संयोजक जगतराम साह कर्णपुरी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है और मंगलवार को भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे.
रंगनाथ-कमला मंदिर में आज होगा विष्णु सहस्त्रनाम पाठ
मंगलवार को बूढ़ानाथ रोड स्थित रंगनाथ-कमला मंदिर में भगवान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया जायेगा. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच पूड़ी, सब्जी और आमरस का प्रसाद वितरित किया जायेगा. कार्यक्रम का संचालन मंदिर के प्रबंध न्यासी विनोद अग्रवाल करेंगे.