सुलतानगंज ( भागलपुर ): Deoghar Saraigarh MEMU Express: सहरसा और सुपौल के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 05574 (अप) देवघर–सरायगढ़ मेमू एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन में मंगलवार को रेल सफर के दौरान बदहाल सफाई व्यवस्था का एक गंभीर मामला सामने आया. ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री पुष्कर किशन ने बताया कि जैसे ही यह ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन देवघर से खुली, तभी से बोगियों के अंदर कूड़ा-कचरा और गंदगी बिखरी हुई थी. हद तो तब हो गई जब बोगियों के साथ-साथ शौचालयों के नलों में पानी आना भी पूरी तरह बंद हो गया.
बदबू के कारण शौचालय का उपयोग करना हुआ दूभर
ट्रेन के भीतर बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी का सबसे बुरा असर वाशरुम व्यवस्था पर पड़ा. शौचालयों में पर्याप्त पानी न होने और लंबे समय से धुलाई न किए जाने के कारण वहां से असहनीय तेज दुर्गंध आ रही थी. स्थिति इतनी दयनीय थी कि कई यात्री आपातकालीन स्थिति में शौचालय का दरवाजा खोलकर अंदर जाने का प्रयास भी कर रहे थे, तो वे भीतर फैली गंदगी और भयंकर बदबू के कारण बिना उपयोग किए ही उल्टे पैर बाहर वापस लौट आए.
महिला यात्रियों और कांवरियों को झेलनी पड़ी भारी फजीहत
इस अव्यवस्था की वजह से सफर कर रही महिला यात्रियों को सबसे ज्यादा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी. लंबी दूरी के इस सफर में पानी न होने और गंदगी की वजह से महिलाएं पूरे रास्ते परेशान दिखीं. यात्रियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि श्रावणी मेले के पावन अवसर पर सुल्तानगंज और देवघर आने-जाने के लिए इस मार्ग पर लाखों कांवरिये और आम श्रद्धालु इसी ट्रेन पर निर्भर हैं. ऐसे समय में भी रेलवे द्वारा स्वच्छता की ऐसी घोर अनदेखी समझ से परे है.
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़, पर सुविधाएं हुईं शून्य
ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन के महीने में जब हर दिन यात्रियों की संख्या का दबाव लगातार बढ़ रहा है, तब रेलवे प्रशासन को स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को और अधिक चाक-चौबंद करना चाहिए था. इसके विपरीत मेमू स्पेशल ट्रेनों में न तो कूड़ेदान (डस्टबिन) की सफाई की जा रही है और न ही पानी रीफिलिंग की कोई उचित मॉनिटरिंग हो रही है, जिससे यात्रियों की जेब ढीली होने के बावजूद उन्हें सुरक्षित यात्रा का अनुभव नहीं मिल पा रहा है.
Deoghar Saraigarh MEMU Express: रेल प्रशासन से नियमित सफाई की मांग
परेशान रेल यात्रियों और शिवभक्तों ने रेल मंत्रालय और पूर्व रेलवे प्रशासन से सामूहिक रूप से पुरजोर मांग की है कि श्रावणी मेले जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील धार्मिक अवसर पर यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने मेमू स्पेशल ट्रेनों के हर फेरे के बाद नियमित सफाई, रास्ते के प्रमुख स्टेशनों पर शौचालयों की समय-समय पर प्रेशर वाशिंग, बोगियों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता तथा डस्टबिनों का समय पर खाली होना सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानी न उठानी पड़े.
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