bhagalpur news.चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में दशलक्षण महापर्व के आठवें दिवस उत्तम त्याग धर्म की हुई आराधना

जैन सिद्धक्षेत्र में दशलक्षण महापर्व मनाया गया.

चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र में दशलक्षण महापर्व के आठवें दिवस उत्तम त्याग धर्म की श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आराधना की गई. सिद्ध क्षेत्र में स्थापित पूर्वी भारत का सबसे ऊंचा 71 फीट का मान स्तंभ, जिसके शिखर पर भगवान वासुपूज्य की प्रतिमा विराजमान है, श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा. भक्तों ने मान स्तंभ की परिक्रमा कर भगवान वासुपूज्य की वंदना-अर्चना की. प्रथम कलश से भगवान का अभिषेक मुंबई के नितिन कटारिया ने किया. इस अवसर पर दिल्ली से आए ललित बेनाड़ा ने कहा कि परिग्रह का त्याग ही वास्तविक त्याग है. स्वार्थ छोड़कर दूसरों का हित करना मनुष्य का सर्वोत्तम गुण है. त्यागी, दानी से बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि दबाव में किया गया त्याग मजबूरी है, त्याग नहीं. अच्छाई बुराई को खत्म कर देती है और परोपकार के लिए धन का त्याग करना चाहिए. सिद्ध क्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने बताया कि कल नवें दिवस उत्तम आकिंचन्य धर्म की आराधना की जाएगी. दसवें दिन 6 सितंबर (शुक्रवार) को दशलक्षण महापर्व का समापन होगा. इसी दिन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान वासुपूज्य का निर्वाण दिवस भी है. इस उपलक्ष्य पर भगवान वासुपूज्य निर्वाण महा महोत्सव का आयोजन होगा. इसके लिए व्यापक तैयारियां चल रही हैं. इस दिन श्रद्धालु स्वर्ण व रजत कलश (जो राजस्थान से विशेष रूप से मंगाए गए हैं) से भगवान वासुपूज्य की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का मंगल अभिषेक करेंगे. साथ ही 12 किलो के विशेष निर्वाण लाडू भी चढ़ाए जाएंगे.

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By KALI KINKER MISHRA

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