bhagalpur news. बगड़ी ढाला हादसे में घायल दो लोगों की इलाज के क्रम में मौत, मृतकाें की संख्या पहुंची छह

मंगलवार की शाम हुए भीषण सड़क हादसे में दो घायलों की मौत इलाज के क्रम में हो गयी है.

नवगछिया पुलिस जिले के झंडापुर ओपी थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव के बगड़ी ढाला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर मंगलवार की शाम हुए भीषण सड़क हादसे में दो घायलों की मौत इलाज के क्रम में हो गयी है. दोनों का इलाज जेएलएनएमसीएच में चल रहा था. अस्पताल प्रबंधन ने दोनों की स्थिति को गंभीर देखते हुए आइसीयू वार्ड में शिफ्ट किया था. लेकिन दोपहर 12 बजे के लगभग दोनों की मौत गयी. दोनों का इलाज डॉ पंकज की यूनिट में चल रहा था. मृतकों में कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र के पोठिया लोहनी निवासी रुपेश मंडल (25) और कटिहार के ही समेली प्रखंड के चकला मैला नगर निवासी सोनू कुमार मंडल (35) हैं. दोनों मृतक एक दूसरे के रिश्तेदार हैं. जबकि घटना के दिन स्थल पर ही मौत होनेवाले अरविंद मंडल और रुपेश मंडल साढ़ू के रिश्ते में थे. दोनों की मृत्यु के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मायागंज स्थित बरारी कैंप पुलिस को दी. मौके पर मौजूद बरारी थाने के थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल ने दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया. मामले की सूचना झंडापुर पुलिस को भी दी गयी है. घटना में घायल अन्य लोगों की हालत स्थिर है. नवगछिया में इलाजरत चार लोगों को अस्पताल से छुट्टी भी मिल गयी थी. मंगलवार की शाम बगड़ी ढाला के पास बस, मैजिक और टोटो की टक्कर गयी थी. चार लोगों की मृत्यु घटना स्थल पर ही हो गयी थी. उक्त हादसे में मृतकों की कुल संख्या छह हो गयी है. इलाज के क्रम में मरे दोनों लोग मैजिक पर सवार थे. तीन साढ़ू एक साथ करते थे ईंट भट्ठा पर काम अरविंद, रुपेश और विजय तीनों एक ही ईंट भट्ठा पर काम करते थे. विजय ने बताया कि देर शाम वे लोग टाटा ईंट भट्ठा से एमकेबी भट्ठा जा रहे थे. मैजिक पर कुल 17 लोग सवार थे. इनमें उसके दोनों साढू के साथ वह भी था. चालक काफी तेज गति से मैजिक चला रहा था. इसी कारण जब मोड़ के पास एकाएक बस सामने आ गयी तो चालक मैजिक को नियंत्रित नहीं कर सका. तीन वाहनों की एक साथ टक्कर हो गयी. विजय ने बताया कि अगर मैजिक की रफ्तार कम रहती तो मैजिक पर सवाल लोगों को कुछ नहीं होता. इस घटना में मंगलवार को अरिवंद और बुधवार को दूसरे साढू रुपेश की मौत हो गयी. विजय ने बताया कि वह पीछे था, इसलिए उसे चोट तो आयी लेकिन बच गया. हादसे के बाद की स्थिति को बयान करते हुए विजय ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद वह इतनी जोर से सड़क पर गिरा कि फिर उसे उठा नहीं जा रहा था. चारों तरफ चीख पुकार मची थी. मदद करने वाला कोई नहीं था. कुछ स्थानीय लोग मदद को आगे बढ़े. फिर पुलिस वाहन से एक-एक कर सभी को बिहपुर पीएचसी ले जाया गया. तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया परिजनों ने बताया कि ईंट भट्ठा पर उनलोगों को कोई निश्चित पगार नहीं थी. लेकिन इतना जरूर था कि रोजाना काम लग ही जाता था. फिर सप्ताह में एक दिन वे लोग घर भी चले जाते थे. रुपेश पर दो पुत्री, एक पुत्र और पत्नी आरती देवी की जिम्मेदारी थी. रुपेश की मृत्यु के बाद पूरा परिवार बेसहरा हो गया है. उसकी पत्नी को उम्मीद थी कि वे बच जायेंगे. आइसीयू गेट के आगे वह सुबह से ही अच्छे समाचार की उम्मीद में थी लेकिन दिन ढलने के साथ ही उसके आंखों की नमी बढ़ती गयी. दोपहर तक मृत्यु की सूचना के बाद वह दहाड़ मार कर रोने लगी. सोनू के पिता सिकंदर मंडल अपने पुत्र के जीवित घर ले जाने की उम्मीद में सुबह ही अस्पताल पहुंच गये थे. सिकंदर मंडल ने कहा कि चिकित्सकों की तत्परता को देख कर लग रहा था कि सोनू बच जायेगा. लेकिन 12 बजे जब सोनू की मौत की खबर आयी तो सिकंदर मंडल समेत पूरा परिवार फूट फूट कर रोने लगा. सोनू अपने पीछे पत्नी प्रीति कुमारी, दो पुत्र और एक पुत्री की जिम्मेदारी को छोड़ गया है. दोनों के गांव से पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने कहा कि सभी मृतकों के परिवार आर्थिक रूप से विपन्न हैं. सभी मृतक के आश्रितों को मुआवजा और सरकारी नौकरी की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए. हादसे में एक अन्य घायल मिट्ठू कुमार उर्फ मिथिलेश कुमार, सोनू का अपना सगा भाई है. हालांकि उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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