bhagalpur news. सिटी सहित बाइपास को जोड़ने वाले पुल को रेलवे से मिली मंजूरी, ब्रिज निर्माण को मिलेगी रफ्तार
बौंसी रोड रेल ओवर ब्रिज.
By KALI KINKER MISHRA | Updated at :
-बौंसी रेल पुल-2 पर आरओबी निर्माण : बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन को रेलवे ने दी मंजूरी, -ब्रिज बनने से 10 हजार से अधिक गाड़ियां भरेंगी फर्राटे
भागलपुर सिटी सहित बाइपास को जोड़ने वाले बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए रेलवे ने बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन को मंजूरी दे दी है. इससे ब्रिज निर्माण कार्य को गति मिलेगी. आरओबी से रोजाना 10 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन अनुमानित है. कचहरी चौक से भोलानाथ आरओबी होते हुए बाइपास तक सीधी कनेक्टिविटी मिल जायेगी, जिससे लोगों को बिना किसी परेशानी के कचहरी चौक से बाइपास रोड तक पहुंचना आसान होगा. इस्टर्न रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर (सीबीइ) ने मंजूरी दी है. आरओबी के निर्माण को मंजूरी सीएम के प्रगति यात्रा के दौरान मिली और इसका निर्माण देवघर की एजेंसी से कराया जा रहा हे.
क्या होता है बेयरिंग फोर्स कैलकुलेशन?
रेलवे ब्रिज में लगे बेयरिंग का काम पुल पर पड़ने वाले भार को सुरक्षित तरीके से नीचे तक पहुंचाना होता है. इसके लिए इंजीनियर यह गणना करते हैं कि ट्रेन गुजरने के दौरान कितना दबाव पड़ेगा और क्या संरचना उसे सुरक्षित रूप से संभाल सकती है. इस कैलकुलेशन के सही पाये जाने के बाद ही निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जाता है.
125 करोड़ 85 लाख से बन रहा आरओबी
बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर आरओबी का निर्माण करीब 125 करोड़ 85 लाख से कराया जा रहा है. 25 फरवरी 2025 को आरओबी निर्माण की स्वीकृति मिली है. तकरीबन 576.24 मीटर लंबा यह पुल बन रहा है. इस पुल के लिए 355 मीटर लंबा अप्रोच रोड निर्धारित किया गया है. हालांकि, जब आरओबी बनकर तैयार हाे जायेगा, तभी अप्रोच रोड बनेगा. फिलहाल पुल निर्माण निगम की एजेंसी पिलर तैयार कर रहा है. अबतक करीब 30 प्रतिशत फाउंडेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है. बताया जाता है कि यह आरओबी 2027 में बनकर तैयार हो जायेगा.
आरओबी निर्माण के लिए अधिसूचना जारी कर की जा रही जमीन अधिग्रहण
बौंसी रेल पुल संख्या-2 पर आरओबी निर्माण के लिए मार्च के दूसरे सप्ताह में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि आरओबी निर्माण के लिए भूमि अपेक्षित है, इसलिए राज्य एसआइए इकाई द्वारा सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्यय कराया गया और रिपोर्ट सौंपा गया है. परियोजना के लिए एसआइए एवं विशेषज्ञ समूह द्वारा किये गये मूल्यांकन रिपोर्ट से स्पष्ट है कि नगर निगम वार्ड नंबर 30 में रकवा 1.56863 एकड़, वार्ड नंबर 31 में 0.10000 एकड़ एवं सबौर अंचल के मौजा अंगारी में 1.14250 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है. नगर निगम वार्ड 30 व 31 एवं सबौर अंचल के करीब 75 लोग ऐसे है, जिसकी जमीन चिह्नित की गयी है.