दीपनगर स्थित जिला कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजीनियर परवेज जमाल ने मनरेगा (महात्मा गांधी ग्रामीण राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम एवं मूलभूत संरचना में बदलाव किये जाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. शनिवार को जिलाध्यक्ष ने कांग्र्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मनरेगा के तहत मजदूरों को 100 दिनों तक रोजगार देने की गारंटी थी. इस योजना को चलाने के लिए 80 फीसदी राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाती थी. जबकि 20 फीसदी राशि राज्य सरकार देती थी. इससे गरीब मजदूरों को रोजगार का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ने मजदूरों को काम देकर मजबूती प्रदान की. लोग कांग्रेस की नीति की प्रशंसा करने लगे. लेकिन केंद्र सरकार के गले से यह बात नहीं उतर रही. मनरेगा के विरुद्ध षडयंत्र रचने का काम शुरू हुआ. भाजपा ने मनरेगा का नाम बदल कर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका ग्रामीण कर दिया. अवधि बढ़ा कर सौ से 125 दिन तो कर दिया, लेकिन केंद्र द्वारा दी जानेवाली राशि को 80 फीसदी से घटा कर 60 फीसदी कर दी गयी. राज्य सरकार सरकार की राशि को 20 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दी गयी. उन्होंने कहा कि नयी मनरेगा नीति एवं नाम के विरोध में देश भर में जिला एवं प्रदेश मुख्यालयों में कांग्रेस द्वारा प्रेस वार्ता की गयी है. फिर धरना भी दिया जायेगा. मौके कुमार आशुतोष राजेश, डॉ प्रवीण झा, गिरिधर राय, अंबर ईमाम, अख्तर हुसैन, प्रमोद मंडल, इम्तियाज खान, अनंत सिंह, विभु राय, शाहनवाज खान, निसार अंसारी आदि मौजूद थे.
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