bhagalpur news. इंटर्नशिप कर रहीं एसएम कॉलेज की पांच सौ छात्राओं में ऊहापोह की स्थिति

टीएमबीयू प्रशासन ने स्नातक सेमेस्टर पांच में इंटर्नशिप को लेकर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. विवि ने कहा कि समन्वय सेल के गाइडलाइन के अनुसार ही विद्यार्थी इंटर्नशिप कर सकेंगे

टीएमबीयू प्रशासन ने स्नातक सेमेस्टर पांच में इंटर्नशिप को लेकर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. विवि ने कहा कि समन्वय सेल के गाइडलाइन के अनुसार ही विद्यार्थी इंटर्नशिप कर सकेंगे. ऐसे में कुछ काॅलेज ने अपने-अपने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करा रहे थे. इसी कड़ी में एसएम कॉलेज के विभिन्न विषयों की पांच सौ छात्राओं ने विभिन्न एनजीओं, एनटीपीसी कहलगांव में करीब एक सप्ताह से इंटर्नशिप कर रही थी. विवि के रोक लगाये जाने से उन छात्राओं की परेशानी बढ़ा दी है. छात्राएं खुद से पैसे खर्च कर इंटर्नशिप कर रही थी. ऐसे में सवाल उठने लगा कि एक सप्ताह इंटर्नशिप करने के बाद अब पांच सौ छात्राओं का क्या होगा. फिर से उन्हें इंटर्नशिप करना होगा. इसे लेकर छात्राओं में ऊहापोह की स्थिति है. कॉलेज प्रशासन भी कुछ बोलने से बच रहा है. नियमानुसार कम से कम 60 घंटा व अधिकतम 120 घंटे का इंटर्नशिप का प्रावधान है. बता दें कि स्नातक सत्र 2023-27 करीब आठ से नौ माह लेट चल रहा है. जूलॉजी, इतिहास, फिजिक्स केमिस्ट्री व गणित की छात्राओं ने किया इंटर्नशिप एसएम कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार जूलॉजी, इतिहास, फिजिक्स केमिस्ट्री व गणित की छात्राओं ने इंटर्नशिप शुरू कर दी थी. जूलॉजी विभाग के करीब 50 से अधिक छात्राएं सराय स्थित सफाली संस्थान व एनएसआइ भागलपुर चैप्टर के कार्यालय में करीब एक सप्ताह इंटर्नशिप कर रही थी. उसी तरह फिजिक्स विभाग, गणित व केमिस्ट्री विभाग की 50 से ज्यादा छात्राएं एनटीपीसी कहलगांव सुपर थर्मल पावर स्टेशन में इंटर्नशिप कर रही थी. इसमें छात्राओं को थर्मल पावर प्लांट की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना तथा भौतिकी के सिद्धांतों के औद्योगिक उपयोग के बारे में बताया गया था. वहीं, इतिहास विभाग की करीब 250 छात्राओं से अधिक छात्राएं भागलपुर संग्रहालय व स्किल डवलपमेंट दृष्टि बिहार, इतिहास संकलन समिति आदि संस्थानों से एक सप्ताह से इंटर्नशिप कर रही थी. विवि ने फरवरी में कॉलेजों को इंटर्नशिप कराने भेजा पत्र विवि ने स्नातक सेमेस्टर पांच को लेकर सभी कॉलेजों को इंटर्नशिप कराने के लिए पत्र भेजा था. पत्र के आधार पर कॉलेजों ने विद्यार्थियों को इंटर्नशिप कराना शुरू कर दिया. इसके तहत सामाजिक शैक्षणिक सरोकार से जुड़े संस्थानों से एमओयू किया, लेकिन मार्च में विवि ने आननफानन में दूसरा पत्र भेज कर इंटर्नशिप पर रोक लगा दी.

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Author: ATUL KUMAR

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