bhagalpur news. दलदल में फंस रही हैं गाड़ियां, तो फिसलकर गिर रहे हैं लोग

पिछले चार माह पहले डिक्शन मोड़ कोयला डिपो लोहिया पुल समीप से स्थानांतरित की गयी रिक्शाडीह स्थित प्राइवेड बस स्टैंड में अब तक कोई मूलभूत सुविधा नहीं दी गयी है.

रिक्शाडीह स्थित प्राइवेट बस स्टैंड का हाल

पिछले चार माह पहले डिक्शन मोड़ कोयला डिपो लोहिया पुल समीप से स्थानांतरित की गयी रिक्शाडीह स्थित प्राइवेड बस स्टैंड में अब तक कोई मूलभूत सुविधा नहीं दी गयी है. बारिश के बाद परिसर में दलदल हो गया और गाड़ियां फंस रही है, तो यात्री फिसलकर गिर रहे हैं. इतना ही नहीं प्रतिदिन 150 से अधिक बसों व 150 से अधिक छोटी गाड़ियों में आने वाले हजारों यात्रियों के लिए एक भी शौचालय नहीं है. प्रभात खबर की टीम ने यहां पड़ताल में पाया कि मूलभूत सुविधा नहीं के बराबर है. जैसे-तैसे यात्री यहां पहुंचकर परेशान हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि भागलपुर शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल है. लेकिन यहां बस स्टैंड नरक का पर्याय बना हुआ है. गंदगी, जलजमाव और कीचड़ से होकर गुजरते हुए यात्री बस पकड़ते हैं. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है. यात्रियों की मजबूरी है कि वह पानी की बोतल खरीदें. मूलभूत सुविधाओं के अभाव का रोना इतना ही नहीं है. यात्रियों को इंतजार करना पड़े, तो बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं है.

मूलभूत सुविधा के नाम एक अव्यवस्थित प्याऊ व एक यात्री शेडचार माह पहले जब खुले में नया बस स्टैड लाया गया तो, बस वालों को आश्वासन मिला कि आधुनिक सुविधा मिलेगी. इसके नाम पर एक अव्यवस्थित प्याऊ बनाया गया है. जबकि दो और बेहतर प्याऊ तैयार करना है. पांच यात्री शेड में एक यात्री शेड तैयार किया गया है. दो शौचालय बनाना है, जबकि एक महिला शौचालय निर्माणाधीन है. इसके अलावा सुरक्षा के नाम चहारदीवारी नहीं बनायी गयी. इससे हमेशा चाेरों का डर बना रहता है. रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.

दूसरे प्रांतों से आती हैं यात्री बसेंप्राइवेट बस स्टैंड से कोलकाता सिलीगुड़ी, झारखंड और बिहार के कई जिलों के लिए बस का परिचालन होता है. प्राइवेट बस स्टैंड से हर दिन 150 से अधिक बसों का परिचालन होता है, जबकि 150 से अधिक छोटी यात्री गाड़ियों का परिचालन होता है. रोजाना 10 हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना इस बस स्टैंड से होता है.

कहते हैं बस स्टैंड से संबंधित लोगथोड़ी बारिश होने के बाद भी बस स्टैंड में कीचड़ की समस्या हो रही है, जबकि यह समस्या पुराने बस स्टैंड में भी थी. सुरक्षा को लेकर दीवार की घेराबंदी नहीं की गयी है.

सुनील कुमार, टिकट कलेक्टर

एक दिन पहले दो बस दलदल में फंस गयी, तो ट्रैक्टर व किरान से खींचा गया. यात्री फिसलकर गिर रहे हैं. ऐसी स्थिति रही, तो यात्रियों की संख्या घट जायेगी.

निरंजन चौधरी, टिकट कलेक्टर—————

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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