कहलगांव के जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को बाल विवाह रोकथाम और दत्तक ग्रहण कानून की दी गयी जानकारी

Legal Awareness Camp : कहलगांव के ओगरी पंचायत भवन में बाल विवाह रोकथाम और दत्तक ग्रहण कानून पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में ग्रामीणों को बच्चों के अधिकारों, नालसा की आशा योजना और कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया.

Legal Awareness Camp : भागलपुर के कहलगांव स्थित ओगरी पंचायत भवन में अनुमंडल विधिक सेवा समिति की ओर से बाल विवाह रोकथाम और दत्तक ग्रहण कानून पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत समिति के सदस्यों और शिक्षकों को बच्चों के अधिकारों, नालसा की आशा योजना और कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता पर दिया गया जोर

व्यवहार न्यायालय कहलगांव के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की आशा योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह कोई आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि बाल विवाह की रोकथाम, पीड़ित बच्चों की सुरक्षा, कानूनी सहायता और उनके दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए बनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया है. इसका उद्देश्य समाज में बाल विवाह के खिलाफ कानूनी जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है.

दत्तक ग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया समझाई गई

शिविर में लोगों को बच्चा गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई. अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने बताया कि भारत में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) के नियमों और किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित होती है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से पारदर्शी होती है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवश्यक कानूनी एवं दस्तावेजी सहायता उपलब्ध कराई जाती है.

लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम नालसा की कार्ययोजना के तहत आयोजित किया गया. इस अवसर पर प्राधिकार के मनीष पांडे ने बताया कि अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार तथा सचिव विकास गौरव के निर्देशन में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं. इनका उद्देश्य आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी कानूनी सेवाओं की जानकारी देना है.

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी

शिविर में पीएलवी अमर कुमार गुप्ता, ओगरी पंचायत के मुखिया पंकज मंडल, शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बाल विवाह रोकने, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और दत्तक ग्रहण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के संबंध में सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया.


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लेखक के बारे में

By असद अशरफी

असद अशरफी प्रिंट माध्यम से पिछले 2 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कहलगांव (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. राजनीति, खेल और धर्म-आध्यात्म में रुचि रखते हैं.

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