bhagalpur news. मधुमक्खीपालन कृषि और बागवानी दोनों के लिए महत्वपूर्ण

जिला कृषि भवन परिसर स्थित आत्मा प्रशिक्षण भवन में गुरुवार को दो दिवसीय तिलहन फसल उत्पादन एवं मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया

भागलपुर

जिला कृषि भवन परिसर स्थित आत्मा प्रशिक्षण भवन में गुरुवार को दो दिवसीय तिलहन फसल उत्पादन एवं मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया. जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने मधुमक्खी पालकों का समूह बनाने एवं मार्केटिंग करने को प्रोत्साहित किया. इस दौरान कहा कि इसके बाद ही उनके उनके तैयार शहद को विदेश निर्यात किया जा सकेगा. आत्मा उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि मधुमक्खीपालन कृषि और बागवानी दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

पौधा संरक्षण सहायक निदेशक सुजीत कुमार पाल ने मधुमक्खी पालन में रसायन, कीटनाशक, ध्रुम पदार्थ के कारण होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी. कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर के डॉ पवन कुमार ने मधुमक्खी पालन अन्तर्गत मधुमक्ख्यिों की प्रजाति और उनके प्रबंधन की जानकारी दी. फिर मधुमक्खीपालन की तकनीक, मधु और उन्य उत्पादों की प्राप्ति की प्रक्रिया, रोग, कीट और उनके नियंत्रण के साथ मधुमक्खी पालन के लिए सरकारी योजना से अवगत कराया. किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधन श्रद्धा गर्ग, राजीव लोचन, गौतम, परमेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे.

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By Atul kumar

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