Bihula Vishahari Puja 2026: अंग प्रदेश की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सबसे बड़ा पर्व माने जाने वाले बिहुला-विषहरी पूजा को लेकर नवगछिया में तैयारियां शुरू हो गई हैं. गुरुवार को बिहुला चौक स्थित मनसा विषहरी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर एक माह तक चलने वाले अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया. इस बार पूजा समिति ने "हर घर एक दीप माता बिहुला के नाम" अभियान शुरू किया है. इसके तहत 17 अगस्त की शाम हर घर में माता बिहुला के सम्मान में दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की जाएगी. खास बात यह है कि इस वर्ष सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे इस पूजा का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है.
एक महीने तक गूंजेंगे बिहुला के लोकगीत
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि अब पूरे एक माह तक मनसा विषहरी मंदिर परिसर में प्रतिदिन पारंपरिक बिहुला गीत गाए जाएंगे. इन लोकगीतों के माध्यम से बिहुला-लखेंद्र की अमर गाथा और अंग प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. मंदिर परिसर को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो सके.
17 अगस्त को निकलेगी भव्य झांकी और होगी विवाह लीला
पूजा समिति के सदस्य विमल किशोर पोद्दार ने बताया कि 16 अगस्त की रात मड़वा पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत होगी. 17 अगस्त की सुबह प्रतिमा पूजन के बाद विधिवत पूजा-अर्चना होगी. शाम में भागलपुर के कलाकारों द्वारा बिहुला-विषहरी की भव्य झांकी निकाली जाएगी. इसके बाद बाला लखेंद्र की बारात और रात्रि में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बिहुला-बाला लखेंद्र विवाहोत्सव का आयोजन होगा. 18 अगस्त की शाम प्रतिमा विसर्जन के साथ दो दिवसीय समारोह का समापन किया जाएगा.
'हर घर एक दीप' अभियान से जुड़ेगा पूरा शहर
पूजा समिति इस बार धार्मिक आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप देने की तैयारी में है. समिति और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि 17 अगस्त की शाम प्रत्येक घर में माता बिहुला के सम्मान में एक दीप जलाया जा सके. इसके साथ ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों को रंगोलियों और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा.
Bihula Vishahari Puja 2026: नाग पंचमी और सोमवारी का दुर्लभ संयोग बढ़ाएगा महत्व
बिहुला विषहरी के सेवक मुकेश राणा ने बताया कि इस वर्ष 17 अगस्त को सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी एक ही दिन पड़ रही है. नागों की देवी माता विषहरी की पूजा के लिए यह संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसे में इस वर्ष का बिहुला-विषहरी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहेगा, बल्कि अंग प्रदेश की संस्कृति, लोक परंपरा और सामाजिक एकता का भी भव्य उत्सव बनेगा. पूजा समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस महापर्व में भाग लेने और "हर घर एक दीप माता बिहुला के नाम" अभियान को सफल बनाने की अपील की है.
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