बिहार के इस जिले में कौवों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप, बर्ड फ्लू की आशंका

Bihar News: भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में दर्जनों कौवों की अचानक मौत से दहशत फैल गई है. स्विमिंग पूल के पास मृत पक्षी मिलने के बाद बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोग प्रशासन से तुरंत जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

Bihar News: बिहार के भागलपुर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल सैंडिस कंपाउंड में दर्जनों कौवों की अचानक मौत से हड़कंप मच गया है. स्विमिंग पूल के सामने कई मृत कौवे पड़े मिले. सुबह टहलने पहुंचे लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो दहशत फैल गई.

बर्ड फ्लू की आशंका से बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले नवगछिया इलाके में भी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हुई थी. लगातार हो रही घटनाओं से बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है. हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

जांच और कार्रवाई की मांग

सुबह व्यायाम करने आने वाले नागरिकों ने कहा कि खुले मैदान में इस तरह पक्षियों की मौत गंभीर मामला है. लोगों ने मांग की है कि मृत पक्षियों को तुरंत सुरक्षित तरीके से हटाया जाए. साथ ही पूरे इलाके की सैनिटाइजेशन की जाए. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि घटना के बाद भी जिला प्रशासन, नगर निगम या स्मार्ट सिटी की टीम मौके पर नहीं पहुंची. डर के कारण कई लोगों ने फिलहाल उस क्षेत्र में जाना कम कर दिया है.

विशेषज्ञों ने दी सतर्कता की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पक्षियों की असामान्य मौत हो रही है तो पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सैंपल जांच करनी चाहिए. समय रहते कदम उठाए गए तो किसी बड़े संक्रमण को रोका जा सकता है.

प्रशासन के कदम का इंतजार

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन कब संज्ञान लेगा. क्या बर्ड फ्लू की आशंका की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी? शहरवासियों की नजरें फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं.

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By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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