गुड बाय 2025 : पूर्णिया को एयरपोर्ट, लखीसराय को सोलर प्लांट तो बांका को मिला पहला स्मार्ट विलेज
Bihar News: 2025 बिहार के लिए खास रहा. खासकर उत्तर पूर्व बिहार के इलाके में इस साल कई बड़ी परियोजनाएं पूरी हुई हैं. पूर्णिया, बांका और लखीसराय जिले में ऐसी परियोजनाएं पूरी हुई हैं जो इस इलाके को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है.
मुख्य बातें
Bihar News: भागलपुर. वर्ष 2025 पूर्वी बिहार के लिए काफी खास रहा. इस साल बिहार के उत्तर पूर्व हिस्से में तीन बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई. बिहार इस साल ऊर्जा क्रांति का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. लखीसराय में देश का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट चालू हो गया है. इसी प्रकार वर्ष 2025 में बांका जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक नयी मिसाल कायम की. रजौन प्रखंड के बाबरचक में बिहार का पहला स्मार्ट विलेज (उन्नति ग्राम) बनकर तैयार हुआ. इसके अलावा करीब 85 साल बाद पूर्णिया एयरपोर्ट एक बार भी सेवा विमानों के लिए खोल दिया गया. पूर्णिया बिहार का चौथा और राज्य के पूर्वोत्तर हिस्से का इकलौता एयरपोर्ट है. इस एयरपोर्ट के खुलने से पूर्णिया प्रमंडल समेत आसपास के आधा दर्जन जिलों के लोगों को हवाई यात्रा सुगम हो गयी है.
लखीसराय: देश की ऊर्जा क्रांति का केंद्र बना कजरा
लखीसराय जिले को कजरा सोलर प्लांट के रूप में देश की ऊर्जा क्रांति का अहम केंद्र बनने का गौरव मिला. सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत पीरी बाजार थाना क्षेत्र में स्थापित यह देश का पहला और सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज युक्त सोलर पावर प्लांट है. इसके प्रथम चरण का शुभारंभ छह अक्तूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. वर्ष 2024 में शुरू हुई इस परियोजना के पहले चरण में 185 मेगावाट सोलर ऊर्जा उत्पादन और 254 मेगावाट-घंटा बैटरी स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. करीब 1810 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई. इसी वर्ष दूसरे चरण के लिए 116 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का शिलान्यास भी हुआ. इसके पूरा होने पर कुल सोलर उत्पादन क्षमता 301 मेगावाट और बैटरी स्टोरेज क्षमता लगभग 495 मेगावाट-घंटा हो जाएगी. कजरा सोलर प्लांट ने बिहार को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया.
पूर्णिया : चौथे एयरपोर्ट से मिली नयी उड़ान
वर्ष 2025 सीमांचल के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ, जब पूर्णिया एयरपोर्ट ने हवाई सेवाओं के साथ उड़ान भरी. 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के साथ ही एक दशक से अधिक समय से देखा जा रहा सपना साकार हुआ. पूर्णिया एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल जिले बल्कि आसपास के नौ जिलों और नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के लोगों के लिए हवाई सफर आसान हो गया. बिहार में यह पटना, गया और दरभंगा के बाद चौथा एयरपोर्ट है. पहले चरण में अहमदाबाद और कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें शुरू हुईं. फिलहाल यहां से पांच अप और पांच डाउन उड़ानें संचालित हो रही हैं, जिससे दिल्ली और हैदराबाद तक भी यात्राएं संभव हो सकी हैं. एयरपोर्ट ने कोसी और सीमांचल क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार की संभावनाओं के नये द्वार खोल दिये हैं.
बांका : रजौन में साकार हुआ स्मार्ट विलेज का सपना
वर्ष 2025 में बांका जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक नयी मिसाल कायम की. रजौन प्रखंड के बाबरचक में सूबे का पहला स्मार्ट विलेज (उन्नति ग्राम) बनकर तैयार हुआ, जिसका उद्घाटन दो फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान किया. यह स्मार्ट सिटी बाबरचक मौजा की 7.13 एकड़ और भीमकारचक मौजा की 3.17 एकड़ भूमि में विकसित की गयी है. यहां 164 भूमिहीन परिवारों को तीन-तीन डिसमिल जमीन देकर बसाया गया है. वर्तमान में 95 लाभुकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जा चुकी हैं. गांव में पक्का आवास, शौचालय, नल-जल योजना, स्मार्ट मीटर से बिजली आपूर्ति, गलियों की रोशनी के लिए 10 किलोवाट सोलर सिस्टम, पक्की सड़क, खेल मैदान, आदर्श आंगनबाड़ी, प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक भवन, सीढ़ीनुमा तालाब और हाट जैसी सुविधाएं विकसित की गयी हैं. रोजगार को बढ़ावा देने के लिए जीविका हाट की व्यवस्था की गयी है, जहां महिलाएं अपने उत्पाद बेच सकेंगी.
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