गिरफ्तार हुआ कुख्यात अपराधी शंकर यादव, मास्केट और जिंदा कारतूस बरामद, कई संगीन मामले में है आरोपी

Bihar Crime: गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने शंकर यादव के पास से एक अत्याधुनिक मास्केट और जिंदा कारतूस भी बरामद किया है. शंकर यादव पर जिले के विभिन्न थानों में 10 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट, रंगदारी और अवैध हथियार का इस्तेमाल प्रमुख हैं. पुलिस के मुताबिक वह पूरे जिले में अपराध की दुनिया में दूसरे नंबर पर था.

Bihar Crime, अंजनी कुमार कश्यप: भागलपुर जिले की पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. लंबे समय से फरार चल रहे और टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात शंकर यादव को पुलिस ने शुक्रवार की देर रात भवानीपुर थाना क्षेत्र के बलहा गांव से गिरफ्तार कर लिया. वह एक मृत्यु भोज में खुलेआम हथियार लहराते हुए देखा गया, जिसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे मौके से दबोच लिया.

स्थानीय इनपुट से मिली सफलता

भवानीपुर थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि शंकर यादव लंबे समय से पुलिस की निगाह में था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही थी. शुक्रवार की रात बलहा गांव में आयोजित एक मृत्यु भोज के दौरान स्थानीय लोगों से इनपुट मिला कि शंकर वहां मौजूद है और हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन कर रहा है. सूचना मिलते ही PTC पदाधिकारी दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया.

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स्थानीय लोगों में राहत की सांस

बलहा गांव और आसपास के इलाकों में शंकर यादव का नाम खौफ का पर्याय बन चुका था. उसकी गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अब उसके पुराने मामलों की तफ्तीश तेज की जाएगी.

एसपी ने की कार्रवाई की सराहना

भागलपुर के एसपी प्रेरणा कुमार ने कार्रवाई में शामिल टीम को बधाई दी है और इसे अपराध पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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