भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट:
Bhagalpur Waterway Trishul: राष्ट्रीय जलमार्ग के जरिए माल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए गुवाहाटी से बांग्लादेश के रास्ते चला त्रिशूल कार्गो टग शनिवार की शाम करीब तीन बजे भागलपुर पहुंचा. कार्गो के साथ दिखू और अजय नामक दो बार्ज भी शामिल हैं. गंगा नदी में विशालकाय कार्गो को देख स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और लोग काफी देर तक इसे निहारते रहे.
1500 मीट्रिक टन सीमेंट लेकर पहुंचा कार्गो
कार्गो जहाज पर लगभग 1500 मीट्रिक टन सीमेंट लदा हुआ है. यह जहाज 25 मई को गुवाहाटी से रवाना हुआ था और इंडो-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट से होते हुए लंबी दूरी तय कर भागलपुर पहुंचा है. यहां से यह सुल्तानगंज, मुंगेर होते हुए पटना तक जाएगा.
2350 किलोमीटर लंबी यात्रा का हिस्सा
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्रणाली के तहत यह यात्रा देश के सबसे लंबे परिचालन जलमार्ग मार्गों में से एक मानी जा रही है. कार्गो ने राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 से अपनी यात्रा शुरू की और बांग्लादेश के रास्ते राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-97 से गुजरते हुए राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 से जुड़कर लगभग 2350 किलोमीटर का सफर तय किया.
27 नदियों को पार कर पहुंचा भागलपुर
जानकारी के अनुसार यह कार्गो जहाज गुवाहाटी से पटना तक की यात्रा के दौरान कुल 27 नदियों को पार कर रहा है. रास्ते में विभिन्न स्थानों पर आवश्यक पड़ाव लेने के बाद यह भागलपुर पहुंचा. जहाज में तैनात कर्मी लगातार भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के संपर्क में हैं और यात्रा की नियमित जानकारी साझा कर रहे हैं.
जलमार्ग परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इस कार्गो की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. प्राधिकरण के विभिन्न कार्यालयों द्वारा प्रतिदिन इसकी स्थिति और प्रगति की जानकारी ली जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के बड़े कार्गो परिचालन से अंतर्देशीय जल परिवहन को नई गति मिलेगी तथा सड़क और रेल परिवहन पर दबाव कम होगा.
पटना में उतारा जाएगा सीमेंट
कार्गो जहाज पटना पहुंचने के बाद वहां सीमेंट की खेप उतारेगा. इसके बाद यह पुनः अपने प्रारंभिक गंतव्य की ओर लौट जाएगा. जलमार्ग विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियमित सेवा शुरू होने से पूर्वोत्तर भारत और बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी.
ALSO READ: गुवाहटी से बांग्लादेश होते हुए 27 नदियों को पार कर वाया भागलपुर पटना पहुंचेगा ‘त्रिशूल’
