bhagalpur news. जिले के 63 केंद्रों पर आज होगी मैट्रिक परीक्षा, 47,956 परीक्षार्थी होंगे शामिल

जिले मैट्रिक परीक्षा शांतिपूर्वक कराने की तैयारी पूरी.

एक नजर में – जिले में 25,129 छात्राएं और 22,827 छात्र, कुल 47,956 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा- भागलपुर सदर में 11,154 छात्राएं और 22,306 छात्र, कुल 33460 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

– नवगछिया में 6,751 छात्राएं और 521 छात्र, कुल 7272 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा- कहलगांव में केवल 7224 छात्राएं देंगी परीक्षा, बनाये गये हैं 10 केंद्र

– जिले में छात्राओं के लिए 30 और छात्रों के लिए बनायें गये हैं 33 केंद्र- भागलपुर सदर में छात्रों में लिए कुल 29, छात्राओं के लिए 13 केंद्र

– नवगछिया में छात्रों के लिए एक और छात्राओं के लिए बनाये गये हैं कुल 10 केंद्र- 126 कैमरों और सीसीटीवी से होगी परीक्षा की निगरानी,

संवाददाता, भागलपुर

मैट्रिक परीक्षा 2025 की तैयारी पूरी कर ली गयी है. जिले के 63 केंद्रों पर 47,956 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. कदाचार मुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन के लिए सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पर्याप्त पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. सभी केंद्रों पर दो कैमरे या सीसीटीवी कैमरे की मदद से परीक्षा की निगरानी करायी जायेगी. परीक्षा संचालन के लिए जिले के तीनों अनुमंडल को तीन जोन में बांटा गया है. भागलपुर सदर अनुमंडल, नवगछिया और कहलगांव. तीनों अनुमंडलों में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है, जो परीक्षा प्रारंभ होने के 24 घंटे पहले से वर्किंग मोड में आ गया है. मुख्यालय में जिला नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना की गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से रेंडमाइजेशन के माध्यम से कुल 63 केंद्रों पर 2500 वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. 350 वीक्षकों को सुरक्षित भी रखा गया है. परीक्षा केंद्रों के आस पास जिलाधिकारी के आदेश से निषेघाज्ञा लागू की गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने परीक्षार्थियों से तनाव रहित हो कर परीक्षा देने की अपील की है.

हर हालत समय से पहुंचे परीक्षार्थी

पहले दिन सोमवार को दोनों पालियों में मातृभाषा की परीक्षा होगी. पहली पाली की परीक्षा 9.30 बजे शुरू होगी. जिसके लिए सेंटर पर इंट्री का समय सुबह नौ बजे तक तय किया गया है. नौ बजे के बाद केंद्र के अंदर परीक्षार्थी प्रवेश नहीं कर सकेंगे. जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दो बजे से शुरू होगी. इसके लिए इंट्री टाइम 1.30 बजे तक तय किया गया है. परीक्षा केंद्र पर विलंब से पहुंचने वाले परीक्षार्थी अगर जबरन केंद्र के अंदर घुसने का प्रयास करेंगे तो उन्हें दो वर्षों के लिए परीक्षा से वंचित किया जाएगा जबकि अगर केंद्राधीक्षक विलंब से आने वाले परीक्षार्थी को प्रवेश देते हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.

आदर्श परीक्षा केंद्र पर रहेंगी कई तरह की सुविधाएं

जिले में चार परीक्षा केंद्रों को आदर्श परीक्षा केंद्र के रूप में डेवलप किया गया है. इनमें इंटरस्तरीय सरसहाय विद्यालय कहलगांव, श्याम सुंदर विद्या निकेतन भागलपुर, एसएम बालिका उच्च विद्यालय मिरजान हाट शामिल हैं. जानकारी मिली है कि इन केंद्रों पर विशेष सजावट के साथ साथ परीक्षार्थियों के लिए रेड कारपेट की व्यवस्था की गयी है. यहां पर रैंप, पेयजल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की गयी है.

विक्रमशिला सेतु पर सुबह 7.30 से बंद होगा भारी व बड़े वाहनों का परिचालन

परीक्षा के दौरान आवागमन में परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए विक्रमशिला सेतु पर सुबह 7.30 से परीक्षा प्रारंभ होने तक बड़े और भारी वाहनों का परिचालन बंद कर दिया जाएगा. नवगछिया की ओर से आने वाले वाहनों को नवगछिया जीरो माइल और भागलपुर की ओर से आने वाले वालों को भागलपुर जीरोमाइल के पास ही खड़ा कर दिया जाएगा. परीक्षा शुरू होने के बाद अगर सेतु पर आवागमन की स्थिति को देखते हुए बड़े या भारी वाहनों के संदर्भ में निर्णय लिया जाएगा. जब तक मैट्रिक परीक्षा चलेगी, तब तक यह व्यवस्था सेतु पर लागू रहेगी.

किसी भी थाना क्षेत्र में जाम लगा तो थानाध्यक्ष होंगे जिम्मेदार

परीक्षा के बेहतर संचालन के लिए जिलाधिकारी द्वारा जारी किये गये संयुक्तादेश में कहा गया है कि परीक्षा के दौरान अगर कहीं भी जाम की समस्या उत्पन्न हुई, जिससे परीक्षा के संचालन में कठिनाई हुई तो संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष जिम्मेदार माने जायेंगे.—-

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

bhagalpur news. किराये के कमरे में युवती ने दुपट्टे से फंदा लगा कर की आत्महत्या

यह भी पढ़ें >