कहलगांव अस्पताल में ड्यूटी के दौरान महिला डॉक्टर रहीं गायब, फोन के बाद लौटीं, मरीजों ने जताई नाराजगी

Bhagalpur News: भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में रोस्टर पर तैनात महिला चिकित्सक ड्यूटी के दौरान अस्पताल से बाहर रहीं. मरीजों ने घंटों इंतजार किया. अस्पताल प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की बात कही.

कहलगांव(भागलपुर) से असद अशरफी की रिपोर्ट

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में शनिवार को स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली स्थिति सामने आई. रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका रानी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद अस्पताल से बाहर चली गईं. इस दौरान इलाज के लिए पहुंचीं महिला मरीजों और उनके परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा.

मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टर से संपर्क किया. फोन पर सूचना मिलने के बाद वह करीब डेढ़ घंटे बाद वापस अस्पताल पहुंचीं. डॉक्टर ने निजी कार्य से अस्पताल से बाहर जाने की बात कही है, जबकि अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं होने देने की बात कही है.

डॉक्टर के इंतजार में बैठी रहीं महिला मरीज

शनिवार को ओपीडी समय के दौरान कई मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे. इनमें बड़ी संख्या में महिला मरीज भी शामिल थीं.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रोस्टर में महिला चिकित्सक की ड्यूटी होने के बावजूद वह अपने कक्ष में मौजूद नहीं थीं. विकलांग महिला मरीज रिंकू देवी, सलोनी गुप्ता, निशा कुमारी और प्रेमलता देवी सहित कई मरीज अस्पताल परिसर में डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे.

परिजनों का कहना था कि लंबे इंतजार के बावजूद डॉक्टर नहीं पहुंचीं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका और उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी.

पटना: बीएसएससी अभ्यर्थियों ने लंबित परीक्षाओं की तिथि जारी करने की मांग को लेकर आयोग कार्यालय में प्रदर्शन किया. 10-15 दिन में तारीख नहीं आने पर महाआंदोलन की चेतावनी दी.

Bhagalpur News: अस्पताल प्रशासन ने शुरू की तलाश

डॉक्टर के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने की सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने उनकी तलाश शुरू की. करीब एक घंटे तक उनका कोई पता नहीं चल सका.

इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने फोन कर उन्हें तत्काल अस्पताल लौटने के लिए कहा. सूचना मिलने के बाद वह अस्पताल पहुंचीं और मरीजों का इलाज शुरू किया.

डॉक्टर ने दी निजी कार्य से बाहर जाने की सफाई

मामले पर पूछे जाने पर महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका रानी ने बताया कि वह निजी कार्य से अस्पताल से बाहर गई थीं.

हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ड्यूटी अवधि के दौरान अस्पताल से बाहर जाने की पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा

प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि जैसे ही महिला चिकित्सक के अस्पताल से बाहर होने की सूचना मिली, उन्हें तुरंत फोन कर वापस बुलाया गया.

उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने निजी कार्य से बाहर जाने की जानकारी दी है.

प्रभारी उपाधीक्षक के अनुसार भविष्य में कोई भी चिकित्सक बिना अनुमति ड्यूटी अवधि के दौरान अस्पताल नहीं छोड़े, इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

मरीजों ने उठाए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले से ही मरीजों की लंबी कतार रहती है. ऐसे में यदि रोस्टर पर तैनात डॉक्टर भी ड्यूटी के दौरान उपलब्ध नहीं रहें तो मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है.

स्थानीय लोगों का मानना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके.

इसे भी पढ़ें: अगले 72 घंटे के लिए बिहार के इन जिलों के लोग हो जाएं सावधान, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट

बिहार के इन दो जिलों में जमीन के नीचे बनेगी ब्लास्ट-प्रूफ रेल लाइन, जंग में बंकर का करेगी काम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Asad ashrafi

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >