Bhagalpur News: भागलपुर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) मायागंज में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एमआरआई जांच पिछले करीब छह महीने से परेशानी का कारण बनी हुई है. अस्पताल में लगी एमआरआई मशीन खराब होने के बाद उसे ठीक कराने के कई प्रयास हुए, लेकिन मशीन दोबारा चालू नहीं हो सकी. इसके बाद नई मशीन लगाने की प्रक्रिया भी लगातार टलती रही.
लंबे समय से जांच सुविधा बंद रहने का असर अब मरीजों पर साफ दिख रहा है. एमआरआई कराने के लिए मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा जा रहा है, जहां पहले से मौजूद मरीजों के अलावा मायागंज से आने वाले मरीजों का भी दबाव बढ़ गया है.
मरीजों की लगातार बढ़ती परेशानी को देखते हुए अब अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी पर सख्ती की है. प्रबंधन ने स्वागतो एजेंसी को जल्द नयी MRI मशीन लगाने का निर्देश दिया है. एजेंसी की ओर से सितंबर के अंत तक नई मशीन लगाने का भरोसा दिया गया है.
मायागंज में MRI बंद, सुपर स्पेशियलिटी पर बढ़ा दबाव
जेएलएनएमसीएच में एमआरआई जांच बंद होने के बाद मरीजों के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ही प्रमुख विकल्प बचा है.
मायागंज में इलाज के लिए आने वाले जिन मरीजों को डॉक्टर एमआरआई जांच की सलाह देते हैं, उन्हें जांच के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा जा रहा है.
यहां रोजाना करीब 30 मरीजों की एमआरआई जांच की जा रही है. जांच कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने पर कई मरीजों को अगले दिन आने के लिए कहा जाता है.
यानी जिस जांच के लिए मरीज पहले अस्पताल परिसर में ही सुविधा का लाभ ले सकते थे, उसके लिए अब उन्हें दूसरे अस्पताल की ओर जाना पड़ रहा है.
जांच के साथ रिपोर्ट के लिए भी करना पड़ रहा इंतजार
एमआरआई जांच की सुविधा बंद होने का असर केवल जांच कराने तक सीमित नहीं है. सुपर स्पेशियलिटी पर बढ़े दबाव के कारण मरीजों को जांच के साथ रिपोर्ट के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है.
कई मरीजों को रिपोर्ट मिलने में देरी होने से आगे का इलाज प्रभावित हो रहा है. खासकर ऐसे मरीज जिन्हें डॉक्टरों ने एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच या उपचार की प्रक्रिया तय करने को कहा है, उनके लिए देरी परेशानी बढ़ा रही है.
मरीजों को कई बार एक से दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है.
छह महीने से खराब पड़ी है मायागंज की मशीन
मायागंज अस्पताल में लगी एमआरआई मशीन स्वागतो एजेंसी की है. मशीन खराब होने के बाद एजेंसी की ओर से उसे ठीक कराने के प्रयास किये गये, लेकिन तकनीकी समस्या दूर नहीं हो सकी.
इसके बाद नयी मशीन लगाने की बात सामने आयी, लेकिन लंबे समय तक यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.
इस बीच अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या और एमआरआई की जरूरत लगातार बनी रही. ऐसे में जांच के लिए मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी भेजने की व्यवस्था करनी पड़ी.
पहले भी बिजली और तकनीकी खराबी से बाधित हुई है जांच
जेएलएनएमसीएच में एमआरआई जांच बाधित होने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी बिजली कनेक्शन और मशीन में तकनीकी खराबी के कारण एमआरआई जांच प्रभावित होती रही है.
लेकिन इस बार करीब छह महीने तक सुविधा बंद रहने से मरीजों की परेशानी ज्यादा बढ़ गयी है.
अस्पताल जैसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान में एमआरआई जांच की सुविधा लंबे समय तक बंद रहने का सीधा असर गंभीर मरीजों के इलाज पर पड़ता है. समय पर जांच नहीं होने से डॉक्टरों को इलाज की अगली प्रक्रिया तय करने में भी परेशानी हो सकती है.
अब अस्पताल प्रबंधन ने एजेंसी पर कसी नकेल
लगातार शिकायतों और मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने अब एजेंसी के प्रति सख्त रुख अपनाया है.
प्रबंधन ने एजेंसी को जल्द नई MRI मशीन लगाने का निर्देश दिया है. इसके बाद एजेंसी ने सितंबर के अंत तक नयी मशीन लगाने का आश्वासन दिया है.
अगर तय समयसीमा में मशीन लगकर जांच शुरू हो जाती है, तो मायागंज अस्पताल में आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है. इससे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पर बना अतिरिक्त दबाव भी कम होगा.
Bhagalpur News: मरीजों को अब नई मशीन शुरू होने का इंतजार
फिलहाल मायागंज अस्पताल में एमआरआई जांच शुरू होने के लिए मरीजों और अस्पताल कर्मियों की नजर सितंबर के अंत की समयसीमा पर है.
नई मशीन कब तक स्थापित होती है और उसकी जांच सुविधा वास्तव में कब से शुरू होती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा. फिलहाल मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ही जांच के लिए जाना पड़ रहा है.
