सड़क हादसों में चेहरा बिगड़ने का डर खत्म: मायागंज अस्पताल में शुरू हुई आधुनिक मैक्सिलोफेशियल सर्जरी

भागलपुर के मायागंज अस्पताल के डेंटल विभाग ने सड़क हादसों में घायल गरीब मरीजों के लिए जीवन बदलने वाली जबड़ा सर्जरी शुरू की है. यह सेवा अब दूर-दराज के लोगों को बड़ी राहत दे रही है.

JLNMCH Bhagalpur Jaw Surgery: सड़क हादसे केवल शरीर में चोट नहीं पहुंचाते, बल्कि कई बार पल भर की लापरवाही किसी इंसान का चेहरा, उसकी मुस्कान और सामान्य जीवन तक छीन लेती है. तेज रफ्तार गाड़ियों की भिड़ंत में जब चेहरे की हड्डियां टूटती हैं, जबड़ा अपनी जगह से खिसक जाता है या नाक और आंखों के आसपास का ढांचा क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो मरीज के लिए खाना-पीना, बोलना और यहां तक कि मुंह खोलना भी दूभर हो जाता है. ऐसे भयानक हादसों के शिकार गरीब मरीजों के लिए अब तक बड़े शहरों में जाकर लाखों रुपये फूंकना ही इकलौता जरिया था. लेकिन भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) यानी मायागंज अस्पताल के डेंटल विभाग ने इस लाचारी को खत्म करते हुए एक ऐसी नई सेवा शुरू की है, जिसने पीड़ित परिवारों की जिंदगी में खुशियों का नया सवेरा ला दिया है.

चेहरे की बिखरती संरचना और जबड़ों का गलत बैठना: जानिए दुर्घटना के बाद कितनी भयानक होती है लाचारी

सड़क दुर्घटनाओं के दौरान सिर और चेहरे पर लगने वाली चोटें बेहद गंभीर होती हैं. कई बार हादसों में नाक, आंखों के आसपास की बारीक हड्डियां, मुंह के भीतर का तालू और निचला जबड़ा बुरी तरह से टूट जाते हैं. इससे केवल चेहरे की बाहरी बनावट ही नहीं बिगड़ती, बल्कि जबड़ों की कुदरती स्थिति बदल जाती है. जबड़े सही जगह पर नहीं बैठने के कारण दांतों की आपसी पकड़ यानी बाइट खत्म हो जाती है. मरीज न तो ठीक से बात कर पाता है और न ही भोजन चबा पाता है. तरल पदार्थ निगलने में भी काफी तकलीफ होती है. ग्रामीण और कमजोर आर्थिक वर्ग के मरीजों के लिए यह शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ गंभीर मानसिक अवसाद का कारण बन जाती थी.

17 वर्षों के अनुभव का कमाल: प्लेट्स और स्क्रू से जोड़ा जा रहा है हड्डियों का ढांचा

इसी गंभीर समस्या को देखते हुए जेएलएनएमसीएच के डेंटल विभाग ने आधुनिक मैक्सिलोफेशियल उपचार की नींव रखी है. इस जटिल शल्य चिकित्सा की कमान संभाल रही हैं डेंटल विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. रिचा आंगे. पिछले 17 वर्षों से मैक्सिलोफेशियल और फेशियल सर्जरी के क्षेत्र में लगातार काम कर रहीं डॉ. रिचा आंगे की देखरेख में बेहद सूक्ष्म और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. सर्जरी के दौरान आधुनिक प्लेट्स और स्क्रू की मदद से दुर्घटना में टूटी या अपनी जगह से हिली हुई हड्डियों को बेहद बारीकी से सही स्थान पर दोबारा स्थापित और फिक्स किया जाता है.

ऑपरेशन के अगले ही दिन मिलने लगी राहत: मरीजों को मिला कुदरती चेहरा और निवाला

डॉक्टरों की इस विशेष सर्जरी का सबसे सुखद पहलू यह है कि जबड़ों की बनावट को इस तरह सटीक तरीके से व्यवस्थित किया जाता है कि दांतों की पकड़ तुरंत सामान्य हो जाती है. विभाग के अनुसार कई गंभीर मरीजों को सर्जरी के अगले ही दिन से चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सामान्य रूप से खाने-पीने में सक्षम बना दिया गया. इलाज के बाद जब मरीजों ने शीशे में अपना चेहरा देखा, तो दुर्घटना में बिगड़ा हुआ स्वरूप गायब हो चुका था और चेहरे की प्राकृतिक सुंदर संरचना वापस लौट आई थी. इस तरह की जटिल सर्जरी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध होना आम लोगों के लिए बेहद राहत भरा है.

ग्रामीणों और गरीबों के लिए संजीवनी, अब दूरदराज भागने की नहीं होगी मजबूरी

भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई और सीमांचल के दूर-दराज़ ग्रामीण इलाकों से आने वाले गरीब मरीजों के लिए यह सुविधा एक बहुत बड़ी राहत लेकर आई है. पहले जबड़े या चेहरे की हड्डियों में गंभीर चोट आने पर मरीजों को तुरंत पटना या अन्य राज्यों के बड़े अस्पतालों में रुख करना पड़ता था. वहां जाने का किराया, रहने का खर्च और लाखों की सर्जरी का बोझ कई परिवारों पर भारी पड़ता था. अब स्थानीय स्तर पर मायागंज अस्पताल में यह सुविधा शुरू हो जाने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल रही है, साथ ही समय पर इलाज मिलने से चेहरे की बनावट बिगड़ने से बच रही है.

JLNMCH Bhagalpur Jaw Surgery: भविष्य की योजनाएं और अस्पताल का नया संकल्प

डेंटल विभाग में मिली इस सफलता के बाद अब अस्पताल प्रबंधन और सर्जनों की टीम भविष्य के लिए और बड़े कदम उठाने जा रही है. विभाग में आने वाले दिनों में मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की अन्य अति-आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है. डॉक्टरों का उद्देश्य है कि भविष्य में जटिल फेशियल और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के लिए भी मरीजों को कहीं बाहर न जाना पड़े. सरकारी स्वास्थ्य सेवा में आया यह आधुनिक बदलाव आम जनता का विश्वास मजबूत कर रहा है.

Also Read: जमुई वायरल वीडियो पर उमेश कुशवाहा बोले- दोषी कितने भी बड़े हों, पुलिस के कब्जे में आएंगे, मंत्री सुनील कुमार ने कही ये बात

Also Read: बिहार में करम पूजा के दौरान हादसा : पोखर में नहाने गये 6 बच्चों की डूबकर मौत, एक को बचाने में सभी डूबे

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Atul kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >