BAU Sabour Foundation Day: सबौर (भागलपुर). बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर का 17वां स्थापना दिवस सोमवार को कर्पूरी सभागार में समारोहपूर्वक मनाया गया. कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी ऑनलाइन जुड़े. वहीं ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल और कहलगांव विधायक सुभानंद मुकेश समारोह में उपस्थित रहे.
राज्यपाल ने किया नवाचारों का विमोचन
राज्यपाल ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर विचार करने का भी अवसर है. उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित अपराजिता के फूलों से निर्मित ब्लू टी, कटहल के बीजों से तैयार आटा, हनी स्नूप तथा एआई आधारित चैटबॉट "एग्री ग्रंथ" का विमोचन किया. उन्होंने विश्वविद्यालय को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी.
नैक ए ग्रेड और अनुसंधान की उपलब्धियों का उल्लेख
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई. कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया. राज्यपाल ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालय को मिली नैक 'ए' ग्रेड मान्यता और जलवायु अनुकूल फसल किस्मों के विकास में किए गए कार्य इसकी उत्कृष्ट शोध क्षमता और कार्य संस्कृति का प्रमाण हैं.
किसानों की आय बढ़ाने पर दिया गया जोर
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि बीएयू सबौर पिछले 16 वर्षों से किसानोन्मुखी तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है.
'समृद्ध किसान से बनेगा विकसित भारत'
ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि किसी संस्थान की सफलता उसकी आयु से नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धियों से मापी जाती है. उन्होंने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में भी कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
शोधार्थी, वैज्ञानिक, किसान और स्टार्टअप हुए सम्मानित
BAU Sabour Foundation Day: अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि स्थापना दिवस आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है. समारोह के दौरान युवा शोधार्थियों को चार मिनट में शोध प्रस्तुतीकरण के लिए सम्मानित किया गया. उत्कृष्ट शोध प्रकाशन करने वाले प्राध्यापकों, श्रेष्ठ किसानों और नवाचार आधारित स्टार्टअप को भी सम्मान प्रदान किया गया. कार्यक्रम का संचालन उमा भारती ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चंदा कुशवाहा ने किया.
