Ashutosh Kanwariya Sangh Surat: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में भागलपुर के सुलतानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा तट पर भक्ति और साधना के अद्भुत रूप देखने को मिल रहे हैं. गुजरात के सूरत से आया आशुतोष कांवरिया संघ पिछले 46 वर्षों से लगातार अपनी अनोखी और कठिन शिव साधना यात्रा को पूरा कर रहा है. मारवाड़ी युवा मंच परिसर में विशेष रुद्राभिषेक पूजन के बाद इस दल ने देवघर स्थित बाबाधाम के लिए अपनी पदयात्रा की शुरुआत की.
तप, अनुशासन और शिव साधना का महायज्ञ
आशुतोष कांवरिया संघ के संचालक अशोक बियाणी ब्रह्मचारी और अध्यक्ष कैलाश गाडोदिया ने बताया कि उनकी यह यात्रा केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि कठिन नियमों, अनुशासन और शिव साधना से जुड़ी तपस्या है:
- प्रतिदिन 4.5 घंटे रुद्राभिषेक: यात्रा के दौरान दल के सभी सदस्य रोजाना सुबह और शाम मिलाकर साढ़े चार घंटे तक वैदिक रीति-रिवाज से रुद्राभिषेक करते हैं.
- 1.5 लाख मंत्रों का जाप: सुलतानगंज से जल उठाकर बाबाधाम पहुंचने तक पूरा दल करीब 1.5 लाख शिव मंत्रों का जाप संपन्न कर लेता है.
- कठिन नियमों का पालन: यात्रा की कठिन साधना और नियमों के कारण इस संघ में महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता है.
पद और प्रतिष्ठा भूलकर बनते हैं साधारण शिवभक्त
संचालक अशोक ब्रह्मचारी ने बताया कि इस संघ में सूरत के कई बड़े उद्योगपति और व्यवसायी शामिल हैं. लेकिन इस यात्रा के दौरान हर कोई अपना पद, धन, व्यापार और सामाजिक प्रतिष्ठा पीछे छोड़कर केवल एक साधारण शिवभक्त (कांवरिया) के रूप में नियमबद्ध होकर चलता है.
संचालक का वक्तव्य: "यह यात्रा कोई पर्यटन या मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और तपस्या है. बाबा भोलेनाथ सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और हमारी यही प्रार्थना है कि बिहार सहित पूरे भारत का सर्वांगीण विकास हो."
Ashutosh Kanwariya Sangh Surat: पीएम नरेंद्र मोदी से करेंगे श्रावणी मेले की भव्यता बढ़ाने की मांग
संघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने कहा कि वे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करेंगे कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के संचालन को और बेहतर बनाया जाए तथा इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्यता प्रदान की जाए.
- स्थानीय सदस्यों ने किया स्वागत: मारवाड़ी युवा मंच परिसर में कार्यक्रम के दौरान विपीन मुरारका, सुनील रामुका, प्रदीप रामुका, राजेश रामुका, विनोद मुरारका, पवन केसान, रौनक रामुका सहित मंच के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे और कांवरियों का स्वागत किया.
