नये सत्र में नये ड्रेस पहन कर विद्यालय जायेंगे बच्चे
आगामी शैक्षणिक सत्र वर्ष 2025-26 में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के बच्चे अब नये स्कूल ड्रेस में दिखेंगे.
ऋषव मिश्रा कृष्णा, भागलपुर आगामी शैक्षणिक सत्र वर्ष 2025-26 में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के बच्चे अब नये स्कूल ड्रेस में दिखेंगे. इसे लेकर विभागीय स्तर से डीबीटी के माध्यम से छात्रों के खातों में पैसा भेजा जा रहा है. विगत सत्राें में देखा जाता था कि लेट लतीफ पोशाक राशि मिलने के कारण बच्चे सत्रारंभ में पुराने कपड़े में ही विद्यालय आते थे. नये सत्र में बच्चे नये कपड़ों में पूरे उत्साह के साथ विद्यालय आयें, शिक्षा विभाग ने इस बार इसी सोच को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मालूम हो कि मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत एक से लेकर आठवीं तक के सभी विद्यार्थी और नौंवी से 12वीं की छात्राओं को पोशाक राशि दी जाती है.
अक्सर देखा जाता था कि स्कूलों के बदलाव होते ही बच्चों के कपड़ों के रंगों में भी बदलाव हो जाता था. ऐसी स्थिति को खत्म करने के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा ड्रेस कोड जारी किया गयाहै. कक्षा एक से लेकर 12वीं तक की छात्राओं के लिए स्काई ब्लू रंग की समीज या शर्ट, गहरे नीले रंग का दुपट्टा, हाफ जैकेट जिसमें जैकेट समीज के आगे का हिस्सा सिला हुआ होगा और गरहे नीले रंग की सलवार या स्कर्ट तय किया गया है. छात्रों के लिए स्काई ब्लू रंग की शर्ट और गहरे नीले रंग का हाफ पेंट या फुल पेंट तय किया गया है.
कितनी राशि मिल रही है
कक्षा एक से दो तक – 600
कक्षा तीन से पांच तक – 700
कक्षा छह से आठ तक – 1000कक्षा नौ से 12वीं तक – 1500
गुणवत्ता को लेकर दिये गये खास निर्देश स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को यह अनिवार्य रूप से बताने को कहा गया है कि कपड़े की गुणवत्ता का अवश्य ध्यान रखे. यथा संभव अधिक प्रतिशत सूती वाले कपड़े से ही बच्चों का ड्रेस तैयार कराये. पोशाक राशि प्राप्त करने वाले छात्रों के अभिभावकों से लिखित घोषणा लेने का निर्देश दिया गया है. घोषणा में अभिभावक यह लिखेंगे कि जिस प्रयोजन के लिए राशि दी गयी, उसी प्रयोजनार्थ खर्च भी किया गया. मार्च माह में नये पोशाक के साथ बच्चों की फोटोग्राफी कर ई-शिक्षाकोष पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है. उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा पीरपैंती के विद्यालय अध्यापक मुकेश मंडल ने कहा कि पूर्व में प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए एक समान ड्रेस था, लेकिन हाईस्कूल और प्लस टू के लिए अलग ड्रेस निर्धारित थे. एक समान ड्रेस निर्धारित हो जाने से विद्यार्थियों के मानसिक स्तर में एकरूपता आयेगी. ड्रेस कोड को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किया गया है. अभिभावक ड्रेस कोड के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कपड़े खरीददारी करें, ताकि राशि का सदूपयोग हो सके. नितेश कुमार, डीपीओ, माध्यमिक शिक्षा, भागलपुरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
