bhagalpur news. एचओडी-शिक्षकों में आरोप-प्रत्यारोप, बात रजिस्ट्रार तक पहुंचा

टीएमबीयू के पीजी गांधी विचार विभाग के शिक्षक ने जाति भेद की भावना से गलत व्यवहार करने, तो शिक्षिका ने बार-बार चैंबर में बुलाने का आरोप विभागाध्यक्ष पर लगाया.

भागलपुर टीएमबीयू के पीजी गांधी विचार विभाग के शिक्षक ने जाति भेद की भावना से गलत व्यवहार करने, तो शिक्षिका ने बार-बार चैंबर में बुलाने का आरोप विभागाध्यक्ष पर लगाया. ऐसे तमाम मामलों को लेकर शिक्षक डॉ देशराज वर्मा व शिक्षिका डॉ सीमा कुमारी ने टीएमबीयू के रजिस्ट्रार को लिखित शिकायत की है. दोनों शिक्षकों ने हेड पर बार-बार शोकॉज कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. पूरे मामले में विभागाध्यक्ष डॉ अमित रंजन सिंह ने कहा कि अनुशासन में रह कर काम कराने के कारण बेबुनियाद आरोप दोनों शिक्षक लगा रहे हैं. मामले को लेकर दोनों शिक्षकों ने सिंडिकेट सदस्य डॉ मुश्फिक आलम, डॉ केक मंडल, निर्लेश कुमार व मुकेश कुमार को भी लिखित शिकायत की है. उधर, सिंडिकेट सदस्य निर्लेश कुमार ने मामले में कुलपति से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सकें. विभागाध्यक्ष पर जाति भेद करने का आरोप विभाग के शिक्षक डॉ देशराज वर्मा ने विभागाध्यक्ष पर जाति भेद के आधार पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगया है. कहा कि जब से डॉ अमित रंजन सिंह विभागाध्यक्ष बने हैं, उस दिन से ही वह जाति भेद की भावना से मेरे साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं. विभागाध्यक्ष मुझसे अभद्र भाषा में बात करते हैं. जब मैंने भाषा शैली का विरोध किया, तो मुझे धमकी देते हैं कि मैं तुम्हारा अकादमिक भविष्य खराब कर दूंगा. विभागाध्यक्ष ने धमकी दिया कि एक वर्ष में 10 बार कारण बताओ नोटिस जारी करूंगा. जिसके आधार पर विवि प्रशासन आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी. शिक्षक ने आवेदन में कहा कि हेड द्वारा मुझे यूजीसी द्वारा निर्धारित रिफ्रेशर कोर्स शॉर्ट टर्म कोर्स करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है, जो कि शिक्षकों के लिए अनिवार्य हैं. मुझे उनके मनोभाव अच्छे नहीं लगते विभाग की शिक्षिका डॉ सीमा कुमार ने आवेदन में आरोप लगाया कि मुझे हेड के मनोभाव अच्छे नहीं लगते. बार-बार मुझे चैंबर में बेवजह बुलाया जाता है. विभाग में एकमात्र महिला शिक्षिका हूं. अवकाश लेने के लिए भी कारण बताने और पूर्व सूचना देने की हिदायत दी जाती है. बायोमेट्रिक मशीन विभागाध्यक्ष कक्ष में रहता है. शिक्षक व छात्र उपस्थित पंजी विभागाध्यक्ष अपने कक्ष में रखते हैं. इसलिए बार-बार विभागाध्यक्ष कक्ष में जाना पड़ता है. आरोप लगाया कि हेड डराते रहते हैं और जाति सूचक शब्द का भी प्रयोग करते हैं. मुझे पागल, मूर्ख आदि शब्दों से बार-बार अपमानित किया जाता है. रिफ्रेशर कोर्स व शॉर्ट टर्म कोर्स के लिए आवेदन पत्र अग्रसारित नहीं किया जाता है. जब मैं महिला संबंधी समस्या से ग्रसित थी, तब मैंने आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन विभाग को भेजा. मुझे फोन कर कहा गया कि पूर्व में स्वीकृति प्रदान करानी होगी, नहीं तो अनुपस्थित कर देंगे. इस बाबत हेड ने शोकॉज किया. लगाये गये सारे आरोप, गलत व निराधार – विभागाध्यक्ष विभागाध्यक्ष डॉ अमित रंजन सिंह ने कहा कि दोनों शिक्षकों द्वारा लगाये जा रहे आराेप गलत व निराधार है. उनलाेगों को विभाग के नियामानुसार कार्य करने के लिए कहा जाता है. अनुशासनहीनता के तहत कार्य करते हैं. ऐसे में मना करने पर हेड का ही विरोध करते हैं. कहा विभाग के नियम को नहीं मानने पर शोकॉज किया गया है. हेड ने अपने अनुशासनहीनता को छुपाने के लिए गलत-गलत आरोप लगाने का काम कर रहे है. पूरे मामले को लेकर दोनों शिक्षकों की शिकायत कुलपति से लिखित रूप में करेंगे.

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By Atul kumar

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