Bhagalpur news महाशिवरात्रि पर आध्यात्मिक दीक्षा देंगे स्वामी आगमानंद
महाशिवरात्रि पर शिव शक्ति योग पीठ में स्वामी आगमानंद महाराज अपने नये शिष्यों को आध्यात्मिक दीक्षा प्रदान करेंगे.
महाशिवरात्रि पर शिव शक्ति योग पीठ में स्वामी आगमानंद महाराज अपने नये शिष्यों को आध्यात्मिक दीक्षा प्रदान करेंगे. दो दिवसीय इस भव्य समारोह का आयोजन 26 और 27 फरवरी को होगा, जिसमें देशभर से श्रद्धालु, साधक और भक्त भाग लेंगे. 26 फरवरी की सुबह पांच बजे सुप्रभातम, मंगल आरती और वेद पाठ से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा. योगपीठस्थ सर्वदेवपूजनम, दुर्गापाठ और रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठान होंगे. सुबह 11 से 12 बजे तक स्वामी आगमानंद जी महाराज अपने नये शिष्यों को आध्यात्मिक दीक्षा देंगे, जिससे उनके आध्यात्मिक जीवन की नयी यात्रा प्रारंभ होगी. दोपहर 12 बजे से भजन सम्राट डॉ हिमांशु मोहन मिश्र दीपक जी सहित कई ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा भजन-सत्संग का आयोजन होगा. मानस कोकिला कृष्णा मिश्र के मधुर भजनों के साथ विभिन्न संतों व विद्वानों का प्रेरणादायी प्रवचन होगा. स्वामी आगमानंद जी महाराज अपने आशीर्वचन से भक्तों को मार्गदर्शन करेंगे. गुरुवार, 27 फरवरी को भजन-सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों का क्रम जारी रहेगा. आयोजन की तैयारी में योगपीठ के कार्यकर्ता, अधिकारी, साधक और स्वामी आगमानंद जी महाराज के शिष्य पूर्ण समर्पण भाव से जुटे हैं.
महाशिवरात्रि को लेकर निकाली कलश शोभायात्रा
शाहकुंड. वासुदेवपुर गांव में शिवरात्रि को लेकर सैकड़ों महिलाओं ने कलश शोभायात्रा निकाली. कलश शोभायात्रा पचरुखी दुर्गा मंदिर से निकलकर वासुदेवश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंची. शोभायात्रा में भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे थे. हाजीपुर पंचायत के अंधरी शिवमंदिर पर शिवरात्रि के मेला को लेकर थानाध्यक्ष सूरज सिंह की अध्यक्षता में मेला समिति के सदस्यों की बैठक हुई. मेला को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने, डीजे सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई. बैठक में भोपाल सिंह, पप्पू सिंह, सागर सिंह, कुणाल सिंह मौजूद थे.जीवन में पूर्णता प्रभु से संबंध स्थापित करने पर ही आती : आचार्य
श्रीश्री 108 महेंद्र नाथ महादेव मंदिर शीतल नगर कहलगांव प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के विराम दिवस पर कृष्ण-सुदामा प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा वाचक स्वामी मधुसूदन आचार्य जी महाराज ने कहा कि सुदामा सांसारिक दृष्टि में गरीब अवश्य हैं, किन्तु आध्यात्मिक जगत का सबसे सम्पन्न व्यक्ति हैं. सुदामा सचरित्र, स्वाभिमानी, व्यवहार कुशल व प्रशांत है. आज का मानव वैभव सम्पन्न होते हुए भी आध्यात्मिक नहीं होने से अशांत है. जीवन में पूर्णता प्रभु से संबंध स्थापित करने पर ही आती है. काफी संख्या में श्रद्धालु कथा का श्रवण कर रहे थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
