स्मार्ट सिटी कंपनी के प्रति प्रधान सचिव नाराज, नगर आयुक्त काे गंभीरता से काम कराने की ताकीद

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशाेर ने गुरुवार को पटना से स्मार्ट सिटी के कामकाज की ऑनलाइन समीक्षा की.

ऑनलाइन बैठक. नगर विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव ने स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा की, मेयर और डीएम ने गिनायी खामियां वरीय संवाददाता, भागलपुर

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशाेर ने गुरुवार को पटना से स्मार्ट सिटी के कामकाज की ऑनलाइन समीक्षा की. इससे मेयर डाॅ. बसुंधरा लाल व डीएम डाॅ. नवल किशाेर चाैधरी जुड़े रहे. प्रधान सचिव के सामने मेयर ने शहर में स्मार्ट सिटी याेजना से हुए कार्य पर आपत्ति जतायी और कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत बनी सड़काें पर ताे जलजमाव नहीं हाेना चाहिए. यहां एक तरफ सड़क बन रही है और तरफ काटी जा रही, नालाें से पानी की निकासी तक नहीं हाे रही. सड़काें पर जलजमाव हो रहा है. उन्होंने विभिन्न खामियाें काे उजागर करते गुए जांच करवाने की मांग की. प्रधान सचिव ने स्मार्ट सिटी के सीजीएम (नगर आयुक्त) के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और नगर आयुक्त काे गंभीरता से काम कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क काे केबल बिछाने या अन्य कार्य करने से पहले एनओसी दें, तो उसकी निगरानी भी करें, ताकि सड़काें काे क्षतिग्रस्त करने के बाद दाेबारा उसी लेबल पर लाया जा सके.

मेयर ने बताया कि भैरवा तालाब के साैंदर्यीकरण से काॅलेज के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जलजमाव से पूरे इलाके के लोग जूझ रहे हैं. शहर में पेवर्स ब्लाॅक उखड़ रहे हैं. प्रधान सचिव ने इसका भी निदान निकालने का निर्देश नगर आयुक्त काे दिया.

टाउन हाॅल का शुल्क अधिक रहने से भागलपुर महाेत्सव नहीं हुआ

प्रधान सचिव से मेयर ने कहा कि टाउन हाॅल का शुल्क इतना अधिक है कि यहां भागलपुर महाेत्सव तक नहीं हाे सका. यह सुनकर प्रधान सचिव भी आश्चर्यचकित हो गए और उन्होंने डीएम काे अपने स्तर से शुल्क में संशाेधन करने का निर्देश दिया. डीएम ने भी कहा कि जिन वार्डाें में सड़कें बनी, उसकी गलियाें काे इससे नहीं जाेड़ा है. सैंडिस कंपाउंड में स्वीमिंग पुल का भी स्लाेप गलत था, जिसके चलते एक छात्र की माैत हुई थी. इसमें सुधार की जरुरत है.

ई-टाॅयलेट हैंडओवर की बात पर मेयर ने कहा-हमें तो पता ही नहीं

मेयर ने जब ई-टाॅयलेट का मुद्दा उठाया, तो इस पर प्रधान सचिव ने कहा कि यह ताे आपको हैंडओवर हाे चुका है. मेयर आश्चर्यचकित हो गयीं और कहा कि यह ताे हमें पता भी नहीं है. जब यह डब्बा खराब हाेने वाला है ताे स्मार्ट सिटी ने नगर निगम काे हैंडओवर कर दिया है. इसका टेंडर करके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जायेगी.

इस दाैरान यह भी कहा गया कि स्मार्ट सिटी याेजना से शहर में अंडरग्राउंड बिजली के केबल की वायरिंग की बात कही गई थी लेकिन, हर जगह खुले में केबल है. प्रधान सचिव ने कहा कि अब ताे स्मार्ट सिटी का कार्यकाल 30 जून को खत्म हाे रहा है. अगर अगली बार इससे संबंधित काेई याेजना आयेगी ताे उसमें इस प्रस्ताव काे शामिल किया जायेगा.

सिटी में बस स्टैंड काे लेकर सुझाव

मेयर ने सुझाव दिया कि शहर रेलवे स्टेशन की तर्ज पर काैन बस कब आयेगी और कहां से खुलेगी, यह बस ठहराव पर स्क्रीन पर रहे. यह जनोपयोगी साबित होगी. रिक्शाडीह का बस स्टैंड छाेटा है, वहां इतनी सुविधा नहीं हाे सकती है. यह भी कहा कि पुराने एयरपाेर्ट पर टाउनशिप बनाने का कार्य हाे. आखिर में मेयर ने कहा कि मैं जिस बिल्डिंग में बैठती हूं, वह कब गिर जाये पता नहीं. इसका डीपीआर जनवरी में जिस इंजीनियर ने बनाया, उस आधार पर काेई एजेंसी काम करने काे तैयार नहीं हुई. अब दाेबारा डीपीआर बनवाने की बात प्रधान सचिव ने कही. मेयर ने यह भी कहा कि एक बार भागलपुर आकर स्मार्ट सिटी की सभी योजनाओं की जांच अपने स्तर से करें, हर जगह खामियां हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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