नशे के लिए बेच दिया मां के जेवर और घर का चूल्हा: इंस्पेक्टर पिता को अपने ही कलयुगी बेटे के खिलाफ दर्ज करानी पड़ी FIR

एक पुलिस इंस्पेक्टर को अपने ही नशेड़ी बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी पड़ी. बेटे ने घर का सारा कीमती सामान, जेवर और जरूरी कागजात बेच दिए. यह घटना समाज में पिता के सम्मान और खाकी वर्दी की प्रतिष्ठा पर गहरा आघात है.

Bhagalpur News: कानून की रक्षा करने वाले और अपराधियों के पसीने छुड़ाने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि जिस बेटे को उन्होंने बड़े नाजों से पाला, वही बेटा उनके घर को कबाड़खाने की तरह बेच डाले. बिहार की राजधानी पटना में पदस्थापित और मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार तिवारी का परिवार आज एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली पारिवारिक त्रासदी से गुजर रहा है. जो पिता दिन-रात समाज को अपराधमुक्त बनाने की लड़ाई लड़ते हैं, उन्हें अपने ही कलयुगी बेटे की घिनौनी करतूतों से तंग आकर पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाना पड़ा है. नशे की लत में अंधे हो चुके बेटे ने पिता के सपनों और मां की ममता को शर्मसार करते हुए घर का एक-एक सामान बेच डाला.

खाकी वर्दी का रसूख भी न आ सका काम, नशे की लत ने तबाह किया परिवार

भागलपुर जिले के पॉश इलाके तिलकामांझी थाना अंतर्गत संस्कार अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 203 में इंस्पेक्टर राजेश कुमार तिवारी का परिवार रहता था. बाहर से भले ही सब कुछ सामान्य दिखता था, लेकिन घर के भीतर नशे का दानव धीरे-धीरे खुशियों को निगल रहा था. इंस्पेक्टर के बेटे गौरव राज को नशे की ऐसी खौफनाक लत लग चुकी थी कि वह सही और गलत का फर्क पूरी तरह भूल बैठा था. अपनी नशीली जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने अपने ही घर को लूटने का घिनौना रास्ता चुन लिया. एक तरफ पिता पटना में पुलिस मुख्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे, तो दूसरी तरफ भागलपुर के इस बंद फ्लैट में बर्बादी की पटकथा लिखी जा रही थी.

प्रेम विवाह, ताला तोड़कर कब्जा और फिर शुरू हुआ बर्बादी का खौफनाक दौर

इस दुखद कहानी की शुरुआत साल 2021 से मानी जा सकती है. वर्ष 2021 में गौरव राज ने स्निग्धा मोदी नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था. विवाह के बाद से ही पारिवारिक रिश्तों में दरार आने लगी थी. आरोप है कि शादी के बाद गौरव राज ने जबरन संस्कार अपार्टमेंट स्थित फ्लैट संख्या 203 का ताला तोड़ दिया और अपनी पत्नी के साथ वहां बिना इजाजत रहने लगा. बेटा नशे की गिरफ्त में जा चुका था और आए दिन अजीबोगरीब हरकतें कर रहा था. लेकिन समाज में परिवार की इज्जत और अपनी खाकी वर्दी की प्रतिष्ठा के कारण इंस्पेक्टर राजेश तिवारी लंबे समय तक खून का घूंट पीकर खामोश रहे. उन्हें उम्मीद थी कि शायद समय के साथ बेटा सुधर जाएगा, मगर यह खामोशी भारी भूल साबित हुई.

20 सितंबर की दोपहर जब फ्लैट पहुंचे इंस्पेक्टर पिता, तो उड़ गए होश

बीती 20 सितंबर को जब पटना में तैनात इंस्पेक्टर राजेश कुमार तिवारी अपने भागलपुर स्थित संस्कार अपार्टमेंट के फ्लैट में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. फ्लैट का दरवाजा खोलते ही जो घर कभी गृहस्थी के सामान से सजा रहता था, वह किसी खाली और वीरान खंडहर की तरह दिख रहा था. कमरे से लेकर रसोईघर तक का सामान नदारद था. बेटे ने अपनी मां के जीवन भर के संचित जेवर और कीमती कपड़ों तक को नहीं बख्शा था. नशे की पूर्ति के लिए घर के हर कोने को खंगालकर साफ कर दिया गया था.

एसी, अलमारी से लेकर रसोई का चूल्हा और बर्तन तक गायब

दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक गौरव राज ने फ्लैट से अपनी मां के लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, कीमती साड़ियां और अन्य पोशाकें गायब कर दी थीं. हैरत की बात यह है कि सिर्फ जेवर और पैसे ही नहीं, बल्कि घर में लगे एयर कंडीशनर (AC), गैस चूल्हा, गैस सिलेंडर, ओवन, दो-दो लोहे की अलमारियां, बैठने वाली कुर्सियां और रसोई के बर्तन तक गायब थे. इतना ही नहीं, कलयुगी बेटे ने फ्लैट में रखे कुछ बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी कागजात भी गायब कर दिए हैं. घर का यह हाल देखकर पीड़ित पुलिस अधिकारी को समझ आ गया कि अब चुप्पी साधने से बात और बिगड़ जाएगी.

Bhagalpur News: सामाजिक प्रतिष्ठा पर भारी पड़ी मजबूरी, तिलकामांझी थाने में दर्ज हुई FIR

आखिरकार एक लाचार पिता और मजबूर पुलिस अधिकारी के रूप में राजेश कुमार तिवारी ने कड़ा फैसला लिया. उन्होंने तिलकामांझी पुलिस थाने में पहुंचकर अपने ही सगे बेटे गौरव राज के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है. तिलकामांझी पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है और गायब हुए सामानों की बरामदगी के साथ-साथ आरोपी की गतिविधियों की जांच की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By ऋषव मिश्रा कृष्णा

ऋषव मिश्रा कृष्णा प्रिंट माध्यम में पिछले 22 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. फिल्म, शिक्षा और गीत लेखन में रुचि रखते हैं.

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