नाथनगर. मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन नाथनगर में चार माह का मासूम आधी रात सड़क किनारे झोले में लिपटा मिला. अनाथालय रोड स्थित गुरुकुल स्कूल के पास बुधवार की आधी रात किसी ने बच्चे को झोले में रखकर छोड़ दिया था. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे टोटो चालक नीतीश कुमार ने टोटो रोककर उसे देखा और मासूम को अपने घर ले गये. सुबह पुलिस को सूचना मिलने के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया.
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर रुका टोटो
रामपुर खुर्द शाहटोला निवासी टोटो चालक नीतीश कुमार बुधवार की आधी रात अनाथालय रोड से गुजर रहे थे. गुरुकुल स्कूल के पास उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनायी दी. टोटो रोककर आसपास देखा तो सड़क किनारे रखे झोले में चार माह का मासूम रो रहा था. नीतीश कुमार बच्चे को अपने घर ले गये.
परिवार ने अपने बच्चे की तरह की देखभाल
नीतीश कुमार के घर पहुंचने के बाद उनके परिजनों ने भी मासूम की देखभाल अपने बच्चे की तरह की. रात में बच्चे को सुरक्षित रखने के बाद सुबह इसकी जानकारी मधुसूदनपुर पुलिस को दी गयी. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल पुलिस बल के साथ टोटो चालक के घर पहुंचे और बच्चे को सकुशल बरामद कर थाने ले आये.
महिला पुलिसकर्मियों ने पिलाया दूध
थाने में महिला पुलिसकर्मियों ने भी मासूम की देखभाल की. किसी ने उसे गोद में लिया तो किसी ने कटोरा-चम्मच से दूध पिलाया. पुलिसकर्मियों ने बच्चे को सुरक्षित रखने के साथ उसकी जरूरतों का भी ध्यान रखा.
बाल कल्याण समिति की टीम पहुंची थाने
मामले की सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति भागलपुर की टीम भी थाने पहुंची. बच्चे का प्राथमिक उपचार कराया गया. इसके बाद उसे नाथनगर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण केंद्र को सौंप दिया गया.
पूरी तरह स्वस्थ है मासूम
विशिष्ट दत्तक ग्रहण केंद्र की कोऑर्डिनेटर अनुश्री कुमारी ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है. केंद्र में उसकी समुचित देखभाल की जा रही है. बच्चे को फिलहाल सुरक्षित वातावरण में रखा गया है.
किस मजबूरी में छोड़ा गया मासूम
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किस परिस्थिति में चार माह के बच्चे को रात के अंधेरे में सड़क किनारे छोड़ दिया गया. इस सवाल का जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है. हालांकि, जब मासूम को अपनों का सहारा नहीं मिला तो एक अनजान टोटो चालक ने इंसानियत दिखाते हुए उसे अपने घर पहुंचाया और सुरक्षित रखने में मदद की. नीतीश कुमार की इस पहल ने मासूम को समय पर सहारा दिया.
