झाड़-फूंक के भरोसे गंवाई मासूम की जिंदगी, सर्पदंश के बाद 9 वर्षीय बच्चे की मौत
Bhagalpur News: सांप के डसने के बाद अगर समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद 9 वर्षीय शिवम की जान बच सकती थी. लेकिन अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय निकल गया और एक मासूम जिंदगी हमेशा के लिए बुझ गई.
भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र स्थित राघोपुर-माधोपुर गांव में अंधविश्वास का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. सांप के डंसने के बाद परिजन बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में लगे रहे. करीब आधे घंटे तक चले इस प्रयास के दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई. बाद में अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकीय उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है.
घर से निकलते ही सांप ने डसा
जानकारी के अनुसार राघोपुर-माधोपुर गांव निवासी कपिलदेव मंडल और रेणु देवी का 9 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार उर्फ शोभन रविवार दोपहर घर से बाहर निकला था. इसी दौरान गली में उसे गेहूंवन सांप ने डंस लिया. सांप के काटते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और परिजन घबरा गए.
अस्पताल के बजाय पहले पहुंचा दिया झाड़-फूंक कराने
परिजनों के मुताबिक बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय एक स्थानीय धाम पर झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया. वहां करीब आधे घंटे तक पारंपरिक तरीके से उपचार किया जाता रहा. इस दौरान बच्चे की हालत लगातार गंभीर होती चली गई.जब स्थिति ज्यादा बिगड़ गई तब उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
इलाज के दौरान हुई मौत
चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. शिवम तीसरी कक्षा का छात्र था और परिवार की दो पुत्रों व एक पुत्री में एक संतान था. बेटे की असमय मौत से माता-पिता और परिजन गहरे सदमे में हैं.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शिवम के पिता कपिलदेव मंडल मजदूरी और खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है और लोग इस दर्दनाक हादसे की चर्चा कर रहे हैं.
पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने के बाद बरारी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी. अस्पताल परिसर स्थित पुलिस कैंप की टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
प्रभात अपील
सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के भरोसे समय बर्बाद न करें. ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराना ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है. समय पर इलाज मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है. अंधविश्वास नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपचार ही सर्पदंश से बचाव का सही रास्ता है.