भागलपुर :अफसरों की कुर्सियां खाली मिली. कर्मचारी मौज करते नजर आये. बात हम विद्युत आपूर्ति एरिया बोर्ड (मायागंज बिजली आॅफिस) बिल्डिंग की कर रहे हैं. इस विद्युत भवन में तीन तरह के आॅफिस है, जिसमें डीजीएम, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर एवं ग्रामीण कार्यपालक अभियंता का कार्यालय है.
अफसर गायब, कर्मियों की मौज, कोई चाय, तो कोई खैनी में व्यस्त
भागलपुर :अफसरों की कुर्सियां खाली मिली. कर्मचारी मौज करते नजर आये. बात हम विद्युत आपूर्ति एरिया बोर्ड (मायागंज बिजली आॅफिस) बिल्डिंग की कर रहे हैं. इस विद्युत भवन में तीन तरह के आॅफिस है, जिसमें डीजीएम, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर एवं ग्रामीण कार्यपालक अभियंता का कार्यालय है. सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की कुर्सी खाली रही, तो इसके सामान्य शाखा […]

सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की कुर्सी खाली रही, तो इसके सामान्य शाखा में अॉफिस सुपरिटेंडेंट सचिंद्र पाठक केवल काम करते नजर आये. सहायक पद रिक्त रहने से कुर्सी खाली दिखी. वहीं, सीनियर मैनेजर (कार्मिक) गोपाल कुमार का चेंबर खुला दिखा मगर, वह नजर नहीं आये. वहीं, वरीय प्रबंधक (कार्मिक) का चेंबर बंद मिला. इससे ठीक कुछ दूरी पर सिविल कार्यपालक अभियंता की कुर्सी खाली रही.
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, भागलपुर (ग्रामीण) के कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार निराला भी अपने चेंबर से गायब थे. इसके सामान्य शाखा में कर्मचारी तो थे मगर, कोई खैनी लगाने में, तो कोई चाय पीने में व्यस्त नजर आया. वहीं, ऑफिस सुपरिटेंडेंट हाथ पर हाथ धरे ऐसे बैठे थे कि उन्हें कोई काम नहीं मिला हो. राजस्व विभाग का भी हाल कुछ ठीक नहीं रहा. केवल अकाउंट ऑफिसर नजर आये. इसके अलावा सभी का चेंबर खुला तो रहा मगर, कोई नजर नहीं आया.
विद्युत परियोजना प्रमंडल, भागलपुर के परियोजना कार्यालय में कर्मचारी तो थे मगर इसमें से सभी एक-दूसरे से गप्पे लड़ाने में व्यस्त दिखे. दरअसल, कार्यपालक अभियंता (प्रोजेक्ट) सुनील गावस्कर ऑफिस में नहीं थे. कुर्सी खाली थी. सुपरिटेंडेंट इंजीनियर की भी कुर्सी खाली नजर आयी. इसके सामान्य शाखा में कर्मचारी तो थे मगर, उनके बीच जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर चर्चाओं का बाजार गर्म था. कुल मिला कर विद्युत भवन के दफ्तर खाली-खाली नजर आये.