ट्रिपल आइटी में एमटेक व पीएचडी कोर्स होगा शुरू

भागलपुर : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आइटी) में अगले सत्र से एमटेक और पीएचडी कोर्स की शुरुआत होगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एमटेक की 20 सीटों पर एडमिशन लेने की योजना है.वहीं साथ-साथ पीएचडी कोर्स का भी संचालन होगा. ट्रिपल आइटी के निदेशक प्रो अरविंद चौबे ने बताया कि फिलहाल संस्थान […]

भागलपुर : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (ट्रिपल आइटी) में अगले सत्र से एमटेक और पीएचडी कोर्स की शुरुआत होगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एमटेक की 20 सीटों पर एडमिशन लेने की योजना है.वहीं साथ-साथ पीएचडी कोर्स का भी संचालन होगा. ट्रिपल आइटी के निदेशक प्रो अरविंद चौबे ने बताया कि फिलहाल संस्थान के पास 15 नियमित शिक्षक हैं.
केंद्र सरकार से 30 अतिरिक्त नियमित शिक्षक की मांग की गयी थी. 25 पद की स्वीकृति हो गयी है. नवंबर में सभी शिक्षक उपलब्ध होंगे. शिक्षकों की संख्या बढ़ने के बाद दोनों कोर्स के संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. एमटेक कोर्स में एडमिशन प्रक्रिया 2020 से शुरू होगी.
वहीं पीएचडी कोर्स में एडमिशन भी साथ-साथ लिये जायेंगे. बता दें कि नयी दिल्ली में ट्रिपल आइटी भागलपुर सोसाइटी की बैठक में एमएचआरडी के चेयरमैन एसएस संधू ने संस्थान के अगले पांच वर्ष का प्लान मांगा.
ट्रिपल आइटी ने इस योजना में दोनों कोर्स को शामिल कर जानकारी दी. बैठक में एमएचआरडी के निदेशक प्रशांत अग्रवाल, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग बिहार सरकार की प्रधान सचिव हरजोत कौर, एनआइटी पटना के निदेशक पीके जैन व ट्रिपल आइटी भागलपुर के भी निदेशक शामिल हुए.
ट्रिपल आइटी में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से : ट्रिपल आइटी निदेशक ने बताया कि संस्थान में कंप्यूटर साइंस व इलेक्ट्रॉनिक्स के 60-60 व मेकेट्रोनिक्स की 30 सीट समेत 150 सीटों पर नामांकन होगा.
ऑनलाइन काउंसेलिंग के बाद छात्रों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया दो से पांच अगस्त तक चलेगी. गुरुवार शाम पांच बजे तक ज्वाइंट सीट अलॉकेशन अथॉरिटी 2019 की ओर से चयनित छात्रों के नाम की सूची जारी होनी थी. देर शाम तक वेबसाइट ओपन नहीं हो रहा था. देर रात तक तय हो जायेगा कि प्रथम सूची में कितने छात्रों का नामांकन होना है.
सितंबर में ट्रिपल आइटी परिसर का शिलान्यास
निदेशक ने बताया कि सितंबर माह में 50 एकड़ में बनने वाली ट्रिपल आइटी के नये परिसर का शिलान्यास होगा. शिलान्यास समारोह के लिए प्रधानमंत्री और एमएचआरडी मंत्री को निमंत्रण भेजा गया है.
भवन निर्माण के लिए सीपीडब्ल्यूडी समेत रक्षा, रेल व अन्य सरकारी संंस्थानों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली कंपनियों को आमंत्रित किया जायेगा. 128 करोड़ में बनने वाली परिसर के ट्रिपल आइटी की निर्माण समिति निरीक्षण करेगी. परिसर का निर्माण इपीसी मोड पर होगा. उन्होंने बताया कि इस समय ट्रिपल आइटी का संचालन भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में हो रहा है. सौ सीट के पांच हाइटेक कक्षा में पढ़ाई हो रही है. परिसर के बाहर चार प्राइवेट हॉस्टल में छात्र रहेंगे.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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