थाना में इंट्री किये बिना ट्रकों को रोक कर रहे थे डील, थानाध्यक्ष सहित गश्ती टीम सस्पेंड

भागलपुर/अकबरनगर : डीजीपी के निर्देश पर बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली के मामले की जांच में सोमवार को अकबरनगर थाना पहुंचे एसएसपी ने दोषी पाये जाने पर थानाध्यक्ष मो दिलशाद सहित गश्ती पदाधिकारी समेत पूरी टीम को सस्पेंड कर दिया. सस्पेंड किये जाने की कार्रवाई के बाद उन्होंने अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश जारी किया […]

भागलपुर/अकबरनगर : डीजीपी के निर्देश पर बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली के मामले की जांच में सोमवार को अकबरनगर थाना पहुंचे एसएसपी ने दोषी पाये जाने पर थानाध्यक्ष मो दिलशाद सहित गश्ती पदाधिकारी समेत पूरी टीम को सस्पेंड कर दिया. सस्पेंड किये जाने की कार्रवाई के बाद उन्होंने अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश जारी किया है.

एसएसपी ने सही पाया आरोप
सोमवार सुबह अकबरनगर पुलिस द्वारा दो बालू लदे मिनी हाइवा को शाम तक स्टेशन डायरी में इंट्री किये बिना ही थाना पर रोककर रखा गया था. उक्त मामले की शिकायत डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे और एसएसपी आशीष भारती को व्हाट्सएप के माध्यम से दी गयी. व्हाट्सएप पर मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने एसएसपी को थाना पहुंच कर जांच करने का आदेश दिया. जहां एसएसपी ने अवैध वसूली किये जाने के आरोप को प्रथम दृष्ट्या सही पाकर थानाध्यक्ष और गश्ती टीम को निलंबित कर दिया.
अकबरनगर थाना पुलिस की बालू लदे ट्रक से अवैध वसूली की शिकायत डीजीपी समेत एसएसपी को व्हाट्सएप पर भेज कर की गयी थी. शिकायत मिलने के तुरंत बाद एसएसपी आशीष भारती ने मामले की जांच का जिम्मा सिटी एसपी एसके सरोज और ट्रैफिक डीएसपी आरके झा को सौंप दिया. इधर डीजीपी के द्वारा मैसेज प्राप्त होने के बाद उन्होंने एसएसपी को खुद से मामले की जांच करने का आदेश दिया. मामले में सिटी एसपी और ट्रैफिक डीएसपी थाना पहुंच मामले की जांच कर ही रहे थे कि एसएसपी आशीष भारती अचानक अकबरनगर थाना पहुंच गये. जांच-पड़ताल में वसूली का भंडाफोड़ हुआ. शिकायतकर्ता ट्रक चालक व ट्रक यूनियन के सचिव मुन्ना यादव उर्फ दीपक कुमार से पूछताछ की. एसएसपी ने पूछताछ के बाद बताया कि अवैध वसूली की शिकायत मिली थी. जांच पड़ताल में पुलिस कर्मियों की वसूली में संलिप्तता पायी गयी है. दोषी पाये गये पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी.
अकबरनगर थाना पुलिस बालू लदे ट्रक से वसूली करती है. सोमवार को ओवरलोड बालू लदे दो ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया. ट्रक को छोड़ने के एवज में पैसे की मांग की. ट्रक यूनियन के सचिव ने इसकी जानकारी डीजीपी को व्हाटसएप पर मैसेज भेज कर दी. बताया कि प्रतिदिन पुलिस कर्मी 250 रुपये मांगते हैं. 35 सौ प्रति माह लिया जाता है. कई बार इसकी शिकायत वरीय पुलिस पदाधिकारी से की, कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब डीजीपी को इसकी जानकारी दी, तो कार्रवाई हुई. एसएसपी की जांच के बाद ओवरलोड बालू ट्रक का वजन कराया गया, जिसमें क्षमता से अधिक बालू पाया गया है. दोनों वाहनों से जुर्माना वसूला गया. इस दौरान सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज, ट्रैफिक डीएसपी भी मौजूद थे.
आठ माह से ट्रक यूनियन सचिव वसूली की कर रहे थे शिकायत
मुंगेर जिले के संग्रामपुर से बालू लेकर अकबरनगर के रास्ते भागलपुर जाने वाले बालू लदे ट्रकों से हर रोज वसूली होती है. पुलिस की कार्यशैली से तंग आकर ट्रक यूनियन ने कई बार थाना पुलिस से समझौता करने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने कोई समझौता नहीं किया. कई बार डीजीपी को इमेल व व्हाटसएप पर इसकी जानकारी दी गयी. सोमवार को डीजीपी ने शिकायत को गंभीरता से लिया.

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