bhagalpur news. टीएमबीयू, बीएनएमयू सहित सूबे के अन्य विवि में शिक्षकाें के स्थानांतरण को लेकर हड़कंप

लाेकभवन ने राज्य के सभी विवि से एक साल में शिक्षकाें के हुए स्थानांतरण की रिपाेर्ट मांगी है

लाेकभवन ने राज्य के सभी विवि से एक साल में शिक्षकाें के हुए स्थानांतरण की रिपाेर्ट मांगी है. इसे लेकर टीएमबीयू, बीएनएमयू सहित सूबे के अन्य विवि से शिक्षकाें के स्थानांतरण को लेकर हड़कंप मचा है. लाेकभवन के अतिरिक्त सचिव सुमन कुमार ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयाें काे पत्र जारी किया है. इसमें 15 अप्रैल 2025 से 15 अप्रैल 2026 तक हुए स्थानांतरण की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर मांगी है. पत्र में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसाेसिएट प्राेफेसर व प्राेफेसर का नाम, पूर्व में पदस्थापित काॅलेज, स्थानांतरित काॅलेज, स्थानांतरण का आधार या कारण व स्थानांतरण अधिसूचना जारी करने की तिथि बताने के लिए कहा गया है. बताया जा रहा कि टीएमबीयू में एक वर्ष में कुछ शिक्षकाें का स्थानांतरण किस दंड के आधार पर किया गया था. टीएमबीयू में कुछ शिक्षकाें की प्रतिनियुक्ति भी की गयी है. जबकि कुछ स्थानांतरण हेडशिप काे लेकर सामान्य रूप से किये गये थे. हाल ही टीएमबीयू के पीजी विभाग सहित बीएनएमयू में भी हुए स्थानांतरण काे दंडात्मक कार्रवाई बताया जाता रहा है. विवि के अंदरखाने की मानें, तो बीएन मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) में भी हाल के दिनों में कई शिक्षकों का एक जिले से दूसरे जिले में तबादला किया गया है. यह कदम शैक्षणिक व्यवस्था को संतुलित करने के लिए उठाया गया है. इस बाबत शिक्षकों के एक वर्ग में भारी असंतोष है. कुछ शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें सजा के तौर पर दूर दराज के इलाकों में स्थानांतरण कर दिया गया. इसके विरोध में संबंधित शिक्षकाें ने अपने विवि व राज्य स्तर पर संघ के माध्यम से लाेकभवन लिखित शिकायत की थी.

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विवि के पूर्व अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज से कॉलेज में तबादले के लिए विवि स्थानांतरण कमेटी से अनुमति लेना होता है. जबकि कॉलेज से पीजी में स्थानांतरण के लिए विशेष स्थानांतरण कमेटी में लोकभवन के प्रतिनिधि शामिल होते हैं. इसके बाद ही स्थानांतरण की प्रक्रिया को वैध माना जाता है, लेकिन एक साल में हुए स्थानांतरण में नियमों का पालन नहीं किया गया. विवि प्रशासन अपने स्तर से ही स्थानांतरण व प्रतिनियुक्ति किया है, जो अवैध है. सूत्रों के अनुसार इसकी शिकायत कई विश्वविद्यालयों से लोकभवन में की गयी थी. इसके बाद लोकभवन ने मामले में संज्ञान लिया है.

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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