बैंक आॅफ बड़ौदा से एनजीओ के नाम पर मनोरमा देवी ने लिया लोन नहीं चुकाया, मनीशूट दायर

भागलपुर : सृजन घोटाले में संस्था की संचालिका मनोरमा देवी व उनके सिपेसलाहारों ने सरकारी विभागों के खाते से अवैध निकासी की, इस दौरान बैंक को भी नहीं छोड़ा. सृजन संस्थान की संचालिका मनोरमा देवी ने आश्रय विहार शुभालय की संचालिका के तौर पर बैंक ऑफ बड़ौदा से कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए […]

भागलपुर : सृजन घोटाले में संस्था की संचालिका मनोरमा देवी व उनके सिपेसलाहारों ने सरकारी विभागों के खाते से अवैध निकासी की, इस दौरान बैंक को भी नहीं छोड़ा. सृजन संस्थान की संचालिका मनोरमा देवी ने आश्रय विहार शुभालय की संचालिका के तौर पर बैंक ऑफ बड़ौदा से कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए लोन लिया. बैंक से लिये पांच लाख रुपये के लोन में तीन लाख 54 हजार 555 रुपये नहीं चुकाया.

संस्था संचालिका मनोरमा देवी के जीवित होने के समय तो बैंक के रिकवरी पत्र को रिसीव किया, मगर बाद में पत्र का जवाब देना छोड़ दिया. बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर अंजनी कुमार मिश्रा की तरफ से सृजन संचालिका रही मनोरमा देवी द्वारा संचालित आश्रय विहार शुभालय के खिलाफ करीब चार लाख का मनीशूट दायर हुआ.
इसमें बैंक ने मनोरमा देवी के संचालित संस्था आश्रय विहार शुभालय समेत पांच आरोपित मनोरमा देवी की कानूनी उत्तराधिकारी बेटा अमित कुमार व प्रणव कुमार, संस्था के कोषाध्यक्ष संजय कुमार अग्रवाल व दिलीप कुमार राय के खिलाफ याचिका दायर की है.
यह है मामला : सृजन संचालिका मनोरमा देवी ने एक एनजीओ आश्रय विहार शुभालय का गठन किया. एनजीओ में अपने अलावा संस्था के कोषाध्यक्ष के रूप में मंदरोजा निवासी संजय कुमार अग्रवाल व घंटाघर के समीप रहनेवाले दिलीप कुमार राय को रखा. एनजीओ को कृषि क्षेत्र में काम करने के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा के पास लोन का आवेदन किया. 25 सितंबर 2007 को उक्त संस्था को बैंक ने कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए पांच लाख रुपये का लोन दिया था.

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