15 दिनों तक हेना रहेगी चिकित्सक की निगरानी में

भागलपुर: न्यायालय के निर्देश पर जेएलएनएमसीएच के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ एके भगत की देख रेख में हेना फातमा को रखा गया है. श्री भगत ने बताया कि मेंटल एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति को मानसिक रुप से स्वस्थ या अस्वस्थ तुरंत नहीं कहा जा सकता है. इसके लिए कम से कम दो सप्ताह […]

भागलपुर: न्यायालय के निर्देश पर जेएलएनएमसीएच के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ एके भगत की देख रेख में हेना फातमा को रखा गया है. श्री भगत ने बताया कि मेंटल एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति को मानसिक रुप से स्वस्थ या अस्वस्थ तुरंत नहीं कहा जा सकता है. इसके लिए कम से कम दो सप्ताह तक अस्पताल में भरती कर देखा जाता है कि उस व्यक्ति की क्या स्थिति है.

उसके रहने-खाने से लेकर हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है. अगर पंद्रह दिनों के अंदर चिकित्सक संतुष्ट नहीं होंगे तो इस अवधि को पंद्रह-पंद्रह दिन बढ़ा कर कुल डेढ़ माह तक अस्पताल में रखा जा सकता है. हेना को सोमवार को भरती किया गया है. डॉ भगत ने बताया कि फिलहाल हेना को किसी भी तरह की दवा नहीं दी जा रही है.

उसकी निगरानी के लिए दो महिला कांस्टेबल को लगाया गया है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि हेना को किसी भी तरह से बाहर का खाना नहीं देना है. खास कर उसके परिवार के यहां से आनेवाले भोजन पर पूरी तरह से पाबंदी है. विशेष परिस्थिति में अगर हेना डिमांड करे तो पुलिस अपनी निगरानी में तैयार खाना दे सकती है. पहले पुलिस खाने को टेस्ट करेगी उसके बाद ही खाना दिया जा सकता है. बुधवार को चिकित्सक ने हेना से बात करते हुए पूछा कि किसी भी तरह की दिक्कत है तो उसने कहा कि कोई परेशानी नहीं है. हेना ने अस्पताल का यूनिफॉर्म पहनने से इनकार कर दिया और कहा कि मेरे पास अपने कपड़े हैं. मैं उसे ही पहनूंगी. उसने कहा कि अस्पताल का भोजन अच्छा नहीं लगता है और हमेशा एंबुलेंस की आवाज सुनाई देती है उससे परेशानी होती है.

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