भागलपुर : बाबूगिरी पर चोट - स्पेशल इलेवन करेगा निर्देशों की निगरानी, करवायेगा सब काम
भागलपुर : मुख्य सचिव के निर्देश पर सप्ताह में तीन दिन (बुधवार, गुरुवार व शनिवार) को फील्ड में जाकर हालात देखने व आवश्यक निर्देश देने के फंडे पर कमिश्नर-डीएम ने निरीक्षण तो शुरू कर दिये, लेकिन इन दौरान कई टास्क पर जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया. इस कारण उक्त आला अधिकारियों का लगातार फील्ड-विजिट से […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
भागलपुर : मुख्य सचिव के निर्देश पर सप्ताह में तीन दिन (बुधवार, गुरुवार व शनिवार) को फील्ड में जाकर हालात देखने व आवश्यक निर्देश देने के फंडे पर कमिश्नर-डीएम ने निरीक्षण तो शुरू कर दिये, लेकिन इन दौरान कई टास्क पर जिम्मेदार ने ध्यान नहीं दिया. इस कारण उक्त आला अधिकारियों का लगातार फील्ड-विजिट से विकास की रफ्तार तेज नहीं हो पायी.
अंचल व प्रखंड स्तर पर काम को लेकर निकाली गयी कमियां अभी भी जस की तस है. मगर अब कमिश्नर-डीएम के निरीक्षण में जिम्मेदार को दिये टास्क पर स्पेशल इलेवन का गठन हुआ है. स्पेशल इलेवन यानी निरीक्षण प्रतिवेदन अनुपालन कोषांग के नोडल प्रभारी उप विकास आयुक्त सुनील कुमार होंगे. यह स्पेशल टीम बाबूगिरी पर चोट करेगी और टास्क पर संबंधित से काम करवायेगी. काम नहीं करनेवालों के खिलाफ रिपोर्ट देगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तक की सिफारिश करेगी.
डीएम की स्पेशल इलेवन के गठन के पीछे की सोच : डीएम प्रणव कुमार के अनुसार ऐसा देखा जा रहा कि कमिश्नर व डीएम के निरीक्षण में जो बातें संंबंधित विभाग, कार्यालय को कहा जाता है, उस पर क्या हुआ, इसकी रिपोर्ट नहीं दी जाती है. काम पर मॉनीटरिंग व उसका रिपोर्ट लेने के लिए कोषांग सजग रहेगा. स्पेशल टीम समय-समय पर सभी संबंधित विभाग, कार्यालय प्रधान के साथ बैठक करेगी. निरीक्षण संबंधी काम को समय पर करवाना सुनिश्चित करेगी.
सात निश्चय, स्कूल व अन्य विकास योजनाओं की कमियां हुई हैं उजागर : कमिश्नर व डीएम के निरीक्षण में अक्सर सात निश्चय, स्कूल व अन्य विकास योजना में कमियां उजागर हुई. प्रखंड व अंचल कार्यालय में समय पर कर्मी नहीं रहना, रिश्वतखोरी, स्कूल में शिक्षक व बच्चों की कमी, सात निश्चय की योजना में जमीनी स्तर पर काम का नहीं होना आदि भी सामने आये हैं.
कमिश्नर ने भी निर्देशों पालन नहीं होने पर पिछले दिनों दिया था टास्क : कमिश्नर राजेश कुमार ने भी पिछले दिनों अपने फील्ड विजिट में दिये निर्देश पर अनुपालन को लेकर अफसर की बैठक बुलायी थी. इसमें निर्देश पर हुए काम की खबर ली. अधिकतर निर्देश पर काम नहीं हुआ, कुछ पर ध्यान नहीं दिया गया आदि बातें सामने मिले. कमिश्नर ने मामले पर एक महीने का समय देते हुए सुधार करने की चेतावनी दी थी.