कहलगांव/घोघा : एनएच 80 पर जाम की समस्या का कोई निदान नहीं निकल रहा है. सबसे अधिक परेशानी बीमारों को अस्पताल और बच्चों को स्कूल जाने में हो रही है. सोमवार की सुबह घोघा के ओलपुरा निवासी नंदकिशोर शर्मा प्रसव पीड़ा से तड़प रही अपनी पत्नी रीना देवी (26 वर्ष) को ऑटो से लेकर अनुमंडल अस्पताल जा रहा था, लेकिन पक्कीसराय के पास ऑटो महाजाम में फंस गया.
इस दौरान महिला प्रसव पीड़ा से छटपटाती रही. अंतत: आसपास की महिलाओं ने के सहयोग से उसने ऑटो पर ही अपनी तीसरी संतान (बेटी) को जन्म दिया. बाद में काफी मशक्कत से उसे अनुमंडल अस्पताल लाया गया. इस प्रक्रिया में अपने घर ओलपुरा से कहलगांव अनुमंडल अस्पताल की मात्र 13 किमी की दूरी तय करने में उसे चार घंटे लग गये.
एनएच पर पहुंचते ही जाम में फंसा आॅटो
नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर तड़के चार बजे वह पत्नी को भाड़े के ऑटो से अनुमंडल अस्पताल ले जाने के लिए निकला. साथ में पिता विश्वनाथ शर्मा और गांव की ही आशा नीलम कुमारी भी थे. एनएच 80 पर आते ही ऑटो जाम में फंस गया. पक्कीसराय गांव के पास पहुंचते-पहुंचते जाम से निकलना मुश्किल हो गया.
ग्रामीणों ने पेश की मानवता की मिसाल
महिला की कराह सुन ऑटो के पास गांव के कई महिला-पुरुष जुट गये. लोगों ने ऑटो को जाम से निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. अंतत: रीना का ऑटो पर ही प्रसव हो गया. इसके बाद महिलाओं ने घर से लकड़ियां लायी और अलाव जला कर जच्चा-बच्चा को ठंड से बचाया.
इसके बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर ऑटो को जाम से निकालने का प्रयास किया. तब सरकते-सरकते ऑटो साढ़े तीन घंटे में किसी तरह अनुमंडल अस्पताल पहुंचा. पक्कीसराय के भानू मंडल, संजय सक्सेना, केडी सिंह, सुनीता देवी,पार्वती देवी, बबीता देवी, नूतन राय आदि ने भरपूर सहयोग किया. इतना ही नहीं बच्ची के जन्म पर गांव में मिठाइयां भी बांटीं.
अस्पताल में जच्चा-बच्चा स्वस्थ
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ पुष्प सुधा ने जच्चा-बच्चा की जांच की. उन्होंने बताया कि प्रसूता करीब आठ बजे अस्पताल पहुंची. उसे तुरंत प्रसव कक्ष में ले जाया गया. उन्हें जरूरी दवाएं दी गयीं. रक्तस्राव रोकने के लिए भी दवा दी गयी.
- ठंड से ठिठुरते जच्चा-बच्चा के लिए ग्रामीणों ने की अलाव की व्यवस्था
- ओलपुरा से अनुमंडल अस्पताल ले जा रहे थे परिजन
- 13 किमी की दूरी तय करने में लगे चार घंटे
