भागलपुर: पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जोनल आइजी जितेंद्र कुमार ने भागलपुर पुलिस के कार्य कलापों पर गहरी नाराजगी जाहिर की. आइजी ने एसएसपी से पूछा कि जिले से स्थानांतरित हो चुके पुलिस अफसर को क्यों नहीं विरमित किया जा रहा है. इन अफसरों को 24 घंटे के भीतर विरमित करें, नहीं तो इनके निलंबन की कार्रवाई करें. जिले में 50 से अधिक ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिनका तबादला हो गया है.
उन्हें विरमित नहीं किया जा रहा है. आइजी ने पूछा क्लर्क प्रमोद कपूर कैसे एसएसपी का गोपनीय रीडर बन गया है. जबकि उसका तबादला हो चुका है. आइजी ने गोपनीय रीडर प्रमोद कपूर को तुरंत हटाने का निर्देश एसएसपी को दिया. आइजी के तल्ख तेवर से बैठक में हड़कंप सा मच गया. पुलिस अफसरों की घिग्घी बंध गयी थी. किसी को कोई जवाब नहीं सूझ रहा था. उन्होंने कहा कि 2009 बैच के दारोगा सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं. खास कर भागलपुर शहरी क्षेत्र में. इसलिए ऐसे थानेदारों को तुरंत हटायें. इस पर एसएसपी ने कहा कि चुनाव के कारण थानाध्यक्षों का तबादला नहीं किया जा सका था. बैठक में दौरान ही आइजी ने कोतवाली इंस्पेक्टर कन्हैया लाल और सदर इंस्पेक्टर केपी सिंह को भी फटकार लगायी. दोनों को केस की मॉनीटरिंग का जिम्मा दिया गया था, जिसे दोनों पूरा नहीं कर पाये थे.
सांप्रदायिक विवाद से जुड़े केसों की समीक्षा : आइजी ने सांप्रदायिक विवाद से जुड़े मामलों की समीक्षा की. भागलपुर जिले के विभिन्न थानों में दर्ज सांप्रदायिक मामलों के जल्द निष्पादन का निर्देश दिया. आइजी ने कहा कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निबटायें. इसके अलावा एसडीपीओ, डीएसपी के पास लंबित विभागीय कार्रवाई के निष्पादन का भी निर्देश दिया. बैठक में डीआइजी संजय सिंह, एसएसपी राजेश कुमार, एएसपी हर किशोर, सभी एसडीपीओ और इंस्पेक्टर ने भाग लिया.
