भागलपुर : बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने शहर के 28 निजी अस्पताल व लैब को बायोमेडिकल कचरा निबटारा मामले में लापरवाही मामले में शोकॉज किया है. इन अस्पतालों को पूर्व में कचरा निबटारे में मानक का पालन करने की हिदायत दी गयी थी. उक्त अस्पतालों को कचरा निबटारे के लिए सामूहिक उपचार केंद्र से जुड़ने के लिए कहा गया था, लेकिन अस्पताल संचालकों ने मामले पर ध्यान नहीं दिया.
पर्षद ने कड़े लहजे में कहा कि राज्य पर्षद से स्थापना की सहमति और संचालन की सहमति नहीं प्राप्त की गयी. नियमों का अनुपालन नहीं करने के कारण क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए इन्हें बंद करा दिया जाये. इससे पहले भी इन्हें हिदायत दी जा चुकी है. इन संस्थानों से तय अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
इनके खिलाफ जारी हुए शोकॉज
आदमपुर घाट रोड स्थित तपस्वी अस्पताल प्राइवेट लिमिटेड, रेडक्रॉस रोड स्थित संजीवनी नर्सिंग होम एंड मैटेरनिटी सेंटर, राधा रानी सिन्हा रोड स्थित आशीर्वाद नर्सिंग होम, राधा रानी सिन्हा रोड स्थित भागलपुर नेत्र अस्पताल, राधा रानी सिन्हा रोड स्थित ओम इएनटी अस्पताल,
राधा रानी सिन्हा रोड स्थित विभा पैथोलॉजी, पटल बाबू रोड स्थित सेठ वैध साह चेरिटेबल ट्रस्ट एंड नेत्र अस्पताल, नया बाजार स्थित के गरीब नवाज नर्सिंग होम, तिलकामांझी के हटिया रोड स्थित रानी वूमेन अस्पताल, तिलकामांझी के बरारी रोड स्थित श्री साई सेवा सदन अस्पताल, तिलकामांझी हाट रोड स्थित सूर्या जांच घर, रोशन चेक लेन अलीगंज स्थित लाल नर्सिंग होम, भीखनपुर गुमटी नंबर-2 स्थित परबती नर्सिंग होम, भगवान महावीर पथ स्थित रहमान नर्सिंग हाेम, मुंदीचक स्थित डॉ संतोष कुमार, वीएन रोड स्थित जीवन धारा अस्पताल, असानंदपुर चौक स्थित राजा पैथोलॉजी, मनाली चौक के छोटी खंजरपुर स्थित सदभावना नर्सिंग होम, काजवलीचक स्थित संजीवनी पैथोलैब, मायागंज के मुक्तेश्वर कॉलोनी स्थित त्रिमूर्ति चिल्ड्रेन अस्पताल व रिसर्च संस्थान, भीखनपुर गुमटी नंबर-2 के जीसी बनर्जी रोड स्थित सुमित्र नर्सिंग होम, एमटीएन घोष(चंपानगर) स्थित कैपिटल पैथोलॉजी व कलेक्शन केंद्र, केबी लाल रोड (नाथनगर) स्थित कलेक्शन केंद्र क्लिनिकल केंद्र जांच घर, मिरगियासचक (नाथनगर) स्थित दस्तक नर्सिंग होम, तातारपुर चौक स्थित अल क्यूर मेडिलैब, जब्बारचक स्थित डॉ मोइनुद्दीन अजीज नर्सिंग होम, केबी लाल रोड (नाथनगर) स्थित डॉ एसआर देव निर्मला जांच घर.
यह दी गयी थी हिदायत
मेडिकल कचरे को सामूहिक उपचार केंद्र के माध्यम से निस्तारण की व्यवस्था करने का निर्देश है. राज्य में तीन सामूहिक उपचार केंद्र पटना, भागलपुर, एवं मुजफ्फरपुर में स्थापित हैं. सभी अस्पताल को उपरोक्त उपचार केंद्रों के माध्यम से बायोमेडिकल कचरा का निपटारा करवाना है.
