भागलपुर : भागलपुर कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से ई-फार्मेसी के विरोध में 20 से 28 सितंबर तक चरणबद्ध आंदोलन चल रहा है. 27 सितंबर तक लगातार काली पट्टी बांध कर थोक व खुदरा दवा दुकानदार अपनी दुकान संचालित कर रहे हैं. 28 सितंबर को दुकान बंद करके विरोध प्रदर्शन करेंगे. उक्त बातें अध्यक्ष घनश्याम दास कोटरीवाल ने बुधवार को एक स्थानीय होटल में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कही.
सचिव प्रशांत लाल ठाकुर ने बताया कि ऑनलाइन दवा के कारोबार से आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ता को समय पर दवा उपलब्ध नहीं हो सकेगी. मजदूर व निम्न आय वाले उपभोक्ता जो अपनी स्थिति के अनुसार दवा खरीदते हैं. उन्हें परेशानी होगी. संगठन सचिव प्रदीप जैन ने बताया कि इलाज के क्रम में बार-बार दवा बदलना संभव नहीं होगा. डॉक्टर के अलग-अलग लिखावट पर ई-फार्मेसी से दवा उपलब्ध कराना संभव नहीं हो सकेगा. इससे आठ लाख कैमिस्ट व 40 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे.
प्रदेश में फार्मासिस्ट संस्थान को न तो विकसित किया गया, न ही इसका कोई समाधान किया गया. मौके पर उपाध्यक्ष नीरज कोटरीवाल, सह सचिव अरुण साह, कोषाध्यक्ष कृष्णानंद भगत, रामानंद कानोडिया, शंभुनाथ पंडित आदि उपस्थित थे.
दुकानों की बंदी का समर्थन
दवा दुकानदारों की बैठक हुई. इसमें ऑल इंडिया कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर 28 सितंबर को होने वाली हड़ताल का समर्थन किया. बैठक में शंकर कुमार घोष, पवन कुमार साह, सुरेंद्र बहादुर सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, विनय शंकर ठाकुर, चंद्रप्रकाश शर्मा, विजय गुप्ता आदि उपस्थित थे.
मायागंज व रेफरल अस्पताल के बाहर खुली रहेगी दवा दुकान
भागलपुर. कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से मानवीय आधार पर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के बाहर की सारी दवा दुकानों को बंदी से मुक्त रखा गया है. साथ ही जिले के सभी रेफरल व पीएचसी के आसपास की दवा दुकानों को बंदी से मुक्त रखा जायेगा. संगठन सचिव प्रदीप जैन ने कहा कि इसके अलावा जो नियमित दवा का सेवन करते हुए वे गुरुवार को एडवांस में अपनी दवा ले लें, ताकि उनका दवा छूटे नहीं. दवा के बिना किसी मरीजों को परेशानी पहुंचाना उनका ध्येय नहीं है, बल्कि सरकार पर दवाब बनाना और सही मांग पूरा कराना है.
