बैठक बाधित न करें, छात्र हित में काम कर रहा विवि

भागलपुर: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगों को टालने का आरोप लगाते हुए छात्र समागम ने सीनेट की बैठक बाधित करने का गुरुवार को निर्णय लिया. निर्णय से संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सोमू राज ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया. राज का कहना था कि विरोध का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रंजन कुमार पटना से […]

भागलपुर: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगों को टालने का आरोप लगाते हुए छात्र समागम ने सीनेट की बैठक बाधित करने का गुरुवार को निर्णय लिया.

निर्णय से संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सोमू राज ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया. राज का कहना था कि विरोध का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ रंजन कुमार पटना से आकर करेंगे. इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रवक्ता डॉ इकबाल अहमद ने बताया कि छात्र समागम व अन्य छात्र संगठनों की ओर से छात्र संघ चुनाव की लगातार मांग हो रही है, इसके लिए विश्वविद्यालय गंभीर है.

सत्र जुलाई से शुरू हो रहा है. नामांकन की प्रक्रिया के साथ-साथ छात्रों की मतदाता सूची तैयार करने के लिए विवि पहल कर चुका है. सारे प्राचार्य व विभागाध्यक्षों को एक प्रपत्र भेजा जा रहा है. विवि स्तर से गंभीर प्रयास जारी है कि चुनाव सितंबर तक करा लिया जाये. पिछले पेंडिंग रिजल्ट के लिए जिम्मेवार पदाधिकारी पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है.

एकेडमिक कैलेंडर तैयार हो गया है, इसी सत्र से लागू किया जायेगा. रिजल्ट 45 दिनों के अंदर दिया जा रहा है. प्रीपीएचडी का रिजल्ट भी 14 दिनों के अंदर दिया गया है. एसएम कॉलेज में बीएड में फीस वृद्धि नहीं की गयी है. सभी बीएड कॉलेजों में नामांकन हेतु एक साथ प्रवेश परीक्षा होगी. छात्र संगठनों से विवि के पदाधिकारी अनुरोध करते हैं कि सीनेट की बैठक बाधित न करें. विवि छात्रों के लिए है. छात्रों के हित में कार्य करता रहेगा. सहयोग से ही विवि आगे बढ़ेगा, तभी पठन पाठन व शोध का माहौल बनेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

bhagalpur news. किराये के कमरे में युवती ने दुपट्टे से फंदा लगा कर की आत्महत्या

यह भी पढ़ें >