भुवानिया ने दिलावर को दी थी सुपारी

भागलपुर: कांग्रेसी नेता दिवेश सिंह की हत्या की सुपारी मेयर दीपक भुवानिया ने दिलावर को दी थी. सुपारी में यह तय हुआ था कि हत्या के बाद दो लाख दिलावर व दो लाख शिशु राय को मिलना था. इस बात का उल्लेख तत्कालीन एसएसपी कुंदन कृष्णन ने अपनी रिपोर्ट-टू में किया था. रिपोर्ट के मुताबिक […]

भागलपुर: कांग्रेसी नेता दिवेश सिंह की हत्या की सुपारी मेयर दीपक भुवानिया ने दिलावर को दी थी. सुपारी में यह तय हुआ था कि हत्या के बाद दो लाख दिलावर व दो लाख शिशु राय को मिलना था.

इस बात का उल्लेख तत्कालीन एसएसपी कुंदन कृष्णन ने अपनी रिपोर्ट-टू में किया था. रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद राणा ने यह भी कहा था कि हत्या के षडयंत्र में समर सिंह, पवन डालुका और संजय सिन्हा शामिल थे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राणा मियां दीपक भुवानिया से हर माह आर्थिक लाभ प्राप्त करता था. राणा मियां के बयान की पुलिस ने सीडी तैयार की थी. बाद में वह सीडी कोतवाली थाने के मालखाना से गायब हो गयी थी. इस मामले में तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल उठाया गया था.

वर्चस्व को लेकर हुई दिवेश की हत्या. एसएसपी की रिपोर्ट के मुताबिक अपराधी पप्पू खान से दिवेश की अदावत हो गयी थी. जिस जमीन को लेकर दिवेश की हत्या हुई, वह जमीन दिवेश भी खरीदना चाह रहा था. लेकिन पप्पू खान ने जमीन मालिक पर दबाव बनाया, उसे जान मारने की धमकी और उसका अपहरण कर लिया. इस कारण आनन-फानन में मालिक ने उक्त जमीन दीपक भुवानिया को रजिस्ट्री कर दी. हत्या से कुछ दिन पूर्व पप्पू खान ने दिवेश को अपने घर बुला कर भला-बुरा कहा था. इस पर दिवेश और पप्पू के बीच गरमागरम बहस भी हो गयी थी. दिवेश की हत्या को इस विवाद से भी जोड़ कर देखा गया था.

कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ साक्ष्य नहीं. हत्या में शामिल दिलावर, शिशु राय, इरफान उर्फ काटरून, कृष्णा सिंह, पप्पू खान के लिए काम करता था. एसएसपी ने अपनी रिपोर्ट में दिवेश सिंह के पूर्व आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया है. यह भी कहा गया था कि वर्चस्व को लेकर पप्पू खान ने दिवेश सिंह की हत्या करवा दी. इस हत्याकांड में कांग्रेस से जुड़े कई दिग्गज नेताओं का नाम आया था, लेकिन किसी भी नेता के खिलाफ पुलिस जांच में सबूत नहीं पाया गया था.

स्थानीय नेता का भी नाम आया था. रिपोर्ट के अनुसार दिवेश की हत्या के बाद सुपारी की रकम लेने के लिए शिशु राय, इरफान उर्फ काटरून व कृष्णा राय ने दिलावर से पैसों की मांग की. इस पर दिलावर ने कहा कि समर से बात कर लो. समर ने तीनों (शिशु, इरफान व कृष्णा) को पैसे लेने के लिए जिछो गांव बुलाया. तभी समर सिंह ने एक स्थानीय नेता के साथ सेटिंग कर रंगदारी मांगने का गांव में हल्ला कर पब्लिक से शिशु, इरफान और कृष्णा को पीट-पीट कर मरवा दिया था. एसएसपी ने अपनी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया था.

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