मानवता शर्मसार : गर्भवती पत्नी को मल-मूत्र पिलाया, फिर सिर मुंडवाया और निर्वस्त्र कर...

भागलपुर (प्रतिनिधि, सन्हौला) : यह खबर किसी सुनी-सुनायी कहानी की तरह है, जिसमें पति प्रताड़ित करने का नया-नया तरीका अपनाता है. कभी वह पत्नी को कई तरह का अनाज मिला कर उसके सामने रख देता और सबको अलग-अलग कर खाना बनाने को कहता. ऐसा नहीं कर पाने पर वह पत्नी को पीट डालता. जब पत्नी […]

भागलपुर (प्रतिनिधि, सन्हौला) : यह खबर किसी सुनी-सुनायी कहानी की तरह है, जिसमें पति प्रताड़ित करने का नया-नया तरीका अपनाता है. कभी वह पत्नी को कई तरह का अनाज मिला कर उसके सामने रख देता और सबको अलग-अलग कर खाना बनाने को कहता. ऐसा नहीं कर पाने पर वह पत्नी को पीट डालता. जब पत्नी गर्भवती होती है, तो वह उसे न केवल मैला पिलाता है, बल्कि शरीर के कपड़े को खींच कर जला डालता है, जिससे वह उसे पहन नहीं सके.

मामला है सन्हौला थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव का, जहां पति ने सात फेरे की शपथ को भूल अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मानवता को शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम दिया है. साल भर पहले शादी होने के बाद से ही वह पत्नी को प्रताड़ित करने लगा था. दिन प्रतिदिन उसके जुल्मो-सितम का सिलसिला बढ़ता गया. गुरुवार को तो उसने इंतहा ही कर दी. पहले पत्नी की जमकर पिटाई की, फिर उसका सिर मुंड़ दिया. इतने पर भी उसका जी नहीं भरा, तो उसने अपना मल-मूत्र उसे पिला दिया और फिर उसके कपड़े खोल कर जला दिये और निर्वस्त्र अवस्था में ही घर से भगा दिया.

घटना की जानकारी होने पर शुक्रवार की शाम पीड़िता के मायके वाले महेशपुर के मुखिया वर्तिका राज के आवास पहुंचे और उनसे न्याय की गुहार लगायी. मुखिया ने सन्हौला थाना को घटना की सूचना दी. पुलिस ने गांव पहुंचकर आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया.

एक साल पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार पीड़िता (19 वर्ष) का मायके धनकुंड थाना क्षेत्र के कासिमपुर गांव है. उसकी शादी एक साल पहले महेशपुर में हुई थी. शादी के दस दिन बाद से ही पति उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा. दिन-रात उसकी पिटाई करता था. कई-कई दिन तक कमरे में बंद कर उसे भूखे-प्यासे रखता था. उसने किसी तरह अपनी मां को सूचना दी. इसके बाद उसके मायके से परिजन वहां के सरपंच, वार्ड सदस्य व अन्य लोगों के साथ महेशपुर पहुंचे. यहां आकर उन लोगों ने महिला के पति को समझाया और सबकुछ ठीक-ठाक हो जाने की उम्मीद लिये लौट गये. कुछ दिनों तक पति का रवैया ठीक रहा. फिर कुछ दिनों बाद वह गलत व्यवहार करने लगा.

ऐसे करता था प्रताड़ित
वह पत्नी को कई तरह का अनाज मिला कर उसके सामने रख देता था और सबको अलग-अलग कर खाना बनाने को कहता. ऐसा नहीं कर पाने पर वह पत्नी के साथ मारपीट करता. विवाहित ने जब पति को बताया कि वह आठ माह की गर्भवती है, तो वह कहने लगा यह मेरा बच्चा नहीं है. इस बात पर भी उसकी बेरहमी से पिटाई करता. गुरुवार को तो उसने प्रताड़ना की सारी हदें पार कर दीं. सुबह विवाहित खाना बना रही थी. अचानक पति ने उसे कमरे में बुलाया. उसने विवाहित से कहा कि मैं कैसे विश्वास करूं कि तुम्हारे गर्भ में पल रहा बच्चा मेरा है. इसके बाद उसने पत्नी को अपना मल-मूत्र पीने को विवश किया. उसने जैसे ही मुंह में लगाया, उसे उलटी होने लगी और वह बेहोश हो गयी.

पहली पत्नी से भी करता था ऐसा ही व्यवहार
महेशपुर के मुखिया प्रतिनिधि अरविंद कुमार अकेला व सरपंच प्रतिनिधि संजीव कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 में भी आरोपित व्यक्ति ने बैजनाथपुर की एक लड़की से शादी की थी. वह भी जब गर्भवती हुई, तो यह उसके साथ भी मारपीट करता था. इसी तरह का व्यवहार उसके साथ भी करता था. गांव में पंचायती हुई, जिसके बाद दोनों का अलगाव हो गया. पिछले साल इसने धनकुंड थाना क्षेत्र के कासिमपुर गांव में दूसरी शादी की. इसके साथ पशुओं से भी बदतर व्यवहार करने लगा. कई बार गांव में पंचायती भी की गयी, लेकिन इसपर कोई असर नहीं पड़ा. ऐसे व्यक्ति को कठोर सजा मिलनी चाहिए.

कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम तक पीड़िता की ओर से आवेदन नहीं दिया गया था. आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी.

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