भागलपुर : कासी व पूर्व बिहार की लगभग सभी नदियां उफनाने लगी है. दिन-प्रतिदिन प्रमुख नदियों सहित उपनदियाें के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है. सुपौल, कटिहार, अररिया, किशनगंज व पूर्णिया में नदियों के जलस्तर में वृद्धि से लोगों में दहशत का माहौल बनने लगा है.
सुपौल में वर्ष 2013 में निर्मित सुरक्षा बांध के टूटने से मची तबाही के बाद हाल में नव निर्मित सुरक्षा बांध का एक भाग धंसने व पुनः टूटने की आशंका से लोगों में दहशत का माहौल पैदा होने लगा है. जिले के किसनपुर प्रखंड के नौआबाखर भर्राही टोला सहित आस पड़ोस के गांव के लोग बाढ़ की तबाही की भय से पलायन करने पर विवश हैं. इधर, छातापुर से मिली जानकारी के अनुसार प्रखंड क्षेत्र में प्रवाहित उपनदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है. जिस कारण तटबंध के किनारे बसने वाले इलाके वासी संभावित बाढ़ को देखते हुए एक बार फिर से खौफजदा हैं. उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित सुरसर, गैड़ा व मिरचैया नदी एक बार फिर से इलाके में तबाही मचाने को आतुर दिख रही है.
नदियां उफान पर…
इन नदियों के तटबंध का दोनों किनारा कई जगहों पर क्षतिग्रस्त है.
कटिहार की महानंदा नदी सहित अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि बुधवार को भी जारी रही. जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से वृद्धि होने की वजह से लोगों में भय भी समाने लगा है. महानंदा नदी तो उफान पर है. इस नदी का जलस्तर अधिकांश स्थानों पर चेतावनी स्तर को पार कर गया है. इस बीच बुधवार को महानंदा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गयी है. जबकि गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के से वृद्धि जारी है. बरंडी नदी का जलस्तर भी बुधवार से बढ़ना शुरू हो गया है. महानंदा नदी तो कई स्थानों पर चेतावनी स्तर को पार कर गयी है.
